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Bengal Elections : बर्तन मांजने वाली कालिता मांझी अब बंगाल में MLA! बनी लाखों महिलाओं की प्रेरणा

Kalita Manjhi BJP MLA : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों के बीच एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है — कालिता मांझी। बेहद साधारण परिवार से आने वाली और दूसरों के घरों में काम करने वाली कालिता अब विधायक बन चुकी हैं। उनकी जीत सिर्फ राजनीतिक सफलता नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की प्रेरक कहानी बन गई है।

चार घरों में काम करने वाली महिला बनी विधायक

पश्चिम बंगाल की आउसग्राम विधानसभा सीट से बीजेपी उम्मीदवार कालिता मांझी ने शानदार जीत दर्ज की है। गुस्कारा नगर पालिका क्षेत्र की रहने वाली कालिता घरेलू सहायिका के रूप में कई घरों में बर्तन साफ करने और झाड़ू-पोंछा का काम करती थीं।कम आय और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने राजनीति से जुड़ाव बनाए रखा। जनता के बीच उनकी सादगी और जमीनी पकड़ ने उन्हें खास पहचान दिलाई।

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दूसरी कोशिश में मिली बड़ी सफलता

कालिता मांझी ने इससे पहले 2021 का विधानसभा चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद पार्टी ने उन पर भरोसा कायम रखा और इस बार उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी श्यामा प्रसन्ना लोहार को 12 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर जीत हासिल की।उन्होंने कुल 1,07,692 वोट प्राप्त किए, जो इस सीट पर बड़ा जनादेश माना जा रहा है।

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जीत के बाद भी नहीं बदली सादगी

विधायक बनने के बाद भी कालिता मांझी की जीवनशैली में कोई बदलाव नहीं आया। जीत का प्रमाण पत्र मिलने के बाद उन्होंने घर लौटकर सास के हाथ का साधारण भोजन खाया।अगले दिन भी वह घरेलू कामों में व्यस्त नजर आईं। उनका कहना है कि राजनीति में आने का मकसद गरीबों और महिलाओं की आवाज उठाना है, न कि दिखावा करना।

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प्रधानमंत्री मोदी से मिली प्रेरणा

कालिता मांझी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषणों से प्रेरित होकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा। घरेलू काम और पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ वह बीजेपी के कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेती रहीं।उन्होंने कहा कि सीमित आय और संघर्षपूर्ण जीवन के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। उनका मानना है कि मेहनत और समर्पण से कोई भी व्यक्ति अपनी पहचान बना सकता है।

शपथ समारोह के लिए नहीं थी नई साड़ी

कालिता मांझी की सादगी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में पहनने के लिए उनके पास अच्छी साड़ी तक नहीं है। यह बात सामने आने के बाद उनके लंबे समय से मालिक रहे कृष्णा पात्रा ने उन्हें साड़ी उपहार में देने का फैसला किया।उन्होंने कहा कि कालिता उनके परिवार का हिस्सा हैं और उनकी सफलता पूरे इलाके के लिए गर्व की बात है।

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बंगाल की राजनीति में बदलाव का संकेत

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 294 सीटों में से 206 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया है। ऐसे में कालिता मांझी जैसी जमीनी नेताओं की जीत को पार्टी की रणनीतिक सफलता माना जा रहा है।उनकी कहानी अब लाखों महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो कठिन हालात के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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