मलबे में दबा प्रशासन! कार्यालय के सामने बदहाली, देखकर भी जिम्मेदार अनजान, कार्यालय के सामने मलबे का पहाड़, जिम्मेदारों की चुप्पी ने उठाए गंभीर सवाल

जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर के हसदेव विहार कॉलोनी में स्थित गृह निर्माण मंडल कार्यालय के सामने इन दिनों अव्यवस्था और लापरवाही का ऐसा नजारा देखने को मिल रहा है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कार्यालय के ठीक सामने एक मकान की मरम्मत के दौरान निकला भारी मात्रा में मलबा खुलेआम डंप किया जा रहा है। हालत यह है कि यहां मलबे का ढेर अब एक छोटे पहाड़ का रूप ले चुका है, जिससे न केवल आवागमन बाधित हो रहा है बल्कि आसपास रहने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम उसी जगह पर हो रहा है जहां जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी प्रतिदिन बैठकर काम करते हैं। इसके बावजूद किसी भी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। यह स्थिति सीधे-सीधे अधिकारियों की निष्क्रियता और लापरवाही को उजागर करती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि मकान मालिक को अधिकारियों की मौन स्वीकृति प्राप्त है, तभी वह इस तरह बेखौफ होकर सार्वजनिक स्थान पर मलबा फेंक रहा है। मलबे के कारण परिसर के चारों ओर गंदगी फैल गई है। धूल और कचरे के कारण वातावरण प्रदूषित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे हैं। आम नागरिकों को रोजाना इस गंदगी से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे उनकी परेशानी और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं। बावजूद इसके, प्रशासनिक अमला पूरी तरह से मूकदर्शक बना हुआ है। यह स्थिति केवल एक स्थान तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे कॉलोनी की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े करती है। जब स्वयं सरकारी कार्यालय के सामने इस प्रकार की अव्यवस्था बनी हुई है, तो अन्य क्षेत्रों की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। यह प्रशासनिक ढिलाई का स्पष्ट उदाहरण है, जहां नियमों का पालन कराने वाले ही नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही मलबा हटाने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।



