IPL में बल्लेबाजों का दबदबा! गेंदबाजों को पिटाई के लिए रहना होगा तैयार: मुरलीधरन

न्यूज डेस्क : IPL 2026 में लगातार हाई स्कोरिंग मुकाबलों के बीच सनराइजर्स हैदराबाद के चीफ कोच और श्रीलंका के दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने क्रिकेट के बदलते स्वरूप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि अब खेल पूरी तरह बल्लेबाजों के पक्ष में झुक चुका है और गेंदबाजों को इस नई हकीकत के साथ खुद को ढालना होगा।
मुंबई इंडियंस और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेले गए मुकाबले के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुरलीधरन ने कहा कि आधुनिक T20 क्रिकेट अब मनोरंजन आधारित हो चुका है, जहां दर्शक चौके-छक्के देखना पसंद करते हैं।
“बॉलिंग फ्रेंडली विकेट होंगे तो लोग बोर हो जाएंगे”
मुरलीधरन ने कहा कि IPL जैसे टूर्नामेंट दर्शकों के मनोरंजन और स्पॉन्सरशिप पर टिके हैं। अगर गेंदबाजों को मदद देने वाली पिचें बनाई जाएंगी तो मैच रोमांचक नहीं लगेंगे।
उन्होंने कहा,“अगर हम बॉलिंग फ्रेंडली विकेट देंगे, तो दर्शक इसे बोरिंग कहेंगे। लोग चौके-छक्के देखना चाहते हैं। इसी वजह से ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ जैसे नियम लाए गए हैं।”
उनका मानना है कि आने वाले समय में भी बल्लेबाजों का पलड़ा भारी ही रहेगा और गेंदबाजों को नई रणनीति के साथ खुद को अपडेट करना होगा।
244 रन का लक्ष्य भी अब आसान
मुरलीधरन का यह बयान ऐसे समय आया है जब IPL 2026 में बड़े स्कोर लगातार चेज किए जा रहे हैं।
हाल ही में:
- सनराइजर्स हैदराबाद ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ 244 रन का लक्ष्य हासिल किया
- पंजाब किंग्स ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 265 रन चेज किया
- हैदराबाद ने जयपुर में 229 रन का लक्ष्य भी पार किया
इन मुकाबलों ने साबित कर दिया है कि आधुनिक T20 क्रिकेट में कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
पावरप्ले का पूरा गणित बदल गया
मुरलीधरन ने कहा कि पहले पावरप्ले में 40-50 रन अच्छा स्कोर माना जाता था, लेकिन अब टीमें शुरुआती 6 ओवर में 70-80 रन तक बना रही हैं।
उन्होंने कहा,“आज हर टीम के पास ऐसे ओपनर्स हैं जो सिर्फ अटैक करना जानते हैं। उन्हें इस बात की परवाह नहीं होती कि गेंद अंदर आ रही है या बाहर।”
युवा बल्लेबाज अब बुमराह से भी नहीं डरते
मुरलीधरन ने युवा बल्लेबाज सलिल अरोड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि आज के खिलाड़ी बेहद निडर हो चुके हैं।
उन्होंने कहा,“जब 23 साल का नया खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह को नो-लुक सिक्स मारता है, तो यह मॉडर्न क्रिकेट का बदलता आत्मविश्वास दिखाता है।”गौरतलब है कि सलिल अरोड़ा ने उस मैच में सिर्फ 10 गेंदों में नाबाद 30 रन बनाए थे।
स्पिन गेंदबाजी को लेकर भी जताई चिंता
दिग्गज स्पिनर मुरलीधरन ने युवा स्पिनर्स की ट्रेनिंग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आजकल गेंदबाज स्पिन कराने के बजाय सिर्फ तेज गेंद डालने पर ध्यान दे रहे हैं।
उनके मुताबिक,“अगर गेंद टर्न नहीं करेगी, तो बल्लेबाज को चकमा देना मुश्किल हो जाएगा। नेट्स में स्पिनर्स अब थ्रो-डाउन बॉलर जैसे लगते हैं।”
“आज के दौर में मैं और शेन वॉर्न भी पिटते”
मुरलीधरन ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर वह और शेन वॉर्न आज के दौर में खेल रहे होते, तो शायद उन्हें भी काफी रन पड़ते।
उन्होंने कहा,“मेरे समय में 40 रन देना खराब गेंदबाजी मानी जाती थी, लेकिन आज अगर कोई स्पिनर 40 रन देकर मैच खत्म करता है तो उसे अच्छा प्रदर्शन माना जाता है।”
मुरलीधरन ने साफ कहा कि क्रिकेट के दो अलग-अलग दौर की तुलना करना आसान नहीं है क्योंकि आज बल्लेबाजी का स्तर और मानसिकता पूरी तरह बदल चुकी है।



