भारतमाला मुआवजा घोटाला: जमीन को टुकड़ों में बांटकर परिवारों ने लिया करोड़ों का भुगतान

रायपुर : भारतमाला परियोजना से जुड़े मुआवजा घोटाले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि रायपुर-विशाखापत्तनम कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान बड़े भूखंडों को परिवार के सदस्यों के नाम छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर करोड़ों रुपये का मुआवजा लिया गया।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद जमीनों को 10 से 30 हिस्सों में विभाजित कर अलग-अलग नामांतरण कराया गया। एक ही खसरे को कई हिस्सों में बांटकर हर हिस्से पर अलग-अलग मुआवजा लिया गया। दस्तावेजों में एक ही जमीन के कई मालिक दिखाकर बार-बार भुगतान लेने का मामला भी सामने आया है।
उदाहरण के तौर पर, एक खसरे को सात हिस्सों में बांटकर परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम दर्ज किया गया और सभी को अलग-अलग मुआवजा मिला। इसी तरह कई अन्य खसरों को 10 से लेकर 60 तक हिस्सों में विभाजित करने के मामले भी सामने आए हैं।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि कुछ मामलों में दस्तावेजों में हेरफेर कर सरकारी जमीन को निजी बताकर मुआवजा लिया गया। एजेंसियां अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और इसमें शामिल लोगों व अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
अन्य परिवारों से जुड़े मामलों में भी इसी तरह की पद्धति अपनाकर करोड़ों रुपये का भुगतान लिया गया है, जिससे यह एक सुनियोजित घोटाले की ओर इशारा करता है।



