CG NEWS: रायपुर करेंसी टावर लिफ्ट हादसा: बैकअप सिस्टम फेल, 7 दिन में दुरुस्ती के आदेश

रायपुर : रायपुर के वीआईपी रोड स्थित करेंसी टावर में लिफ्ट फंसने की घटना ने बिल्डिंग सुरक्षा और मेंटेनेंस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 20 अप्रैल 2026 को हुई इस घटना की जांच में साफ हुआ है कि आपात स्थिति में काम आने वाला बैकअप सिस्टम ही नाकाम रहा, जिसके कारण लिफ्ट बीच में रुक गई।
बैकअप होने के बावजूद क्यों रुकी लिफ्ट
जांच में सामने आया कि भवन में डीजल जनरेटर और यूपीएस जैसी वैकल्पिक बिजली व्यवस्था मौजूद थी। लेकिन जैसे ही मुख्य बिजली सप्लाई बाधित हुई, डीजल जनरेटर का ऑटोमैटिक चेंजओवर सिस्टम सक्रिय नहीं हो पाया। इसका असर सीधे यूपीएस पर पड़ा और लिफ्ट को लगातार बिजली नहीं मिल सकी। नतीजतन, कैप्सूल लिफ्ट क्रमांक-02 बीच में अटक गई।
लगातार घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ा क्योंकि घटना के समय छत्तीसगढ़ शासन की अतिरिक्त मुख्य सचिव ऋचा शर्मा भी लिफ्ट में मौजूद थीं और करीब 10 मिनट तक अंदर फंसी रहीं।
हैरानी की बात यह है कि इसके दो दिन बाद ही नितिन भंसाली के साथ भी इसी तरह की घटना सामने आई। एक ही स्थान पर दो-दो घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालों की बौछार कर दी है।
7 दिन का अल्टीमेटम
मुख्य विद्युत निरीक्षकालय ने जांच के बाद सभी तकनीकी खामियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए 7 दिन की समय-सीमा तय की गई है।
अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय में सुधार नहीं किया गया, तो नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बिजली आपूर्ति तक काटी जा सकती है।
वारंटी में होने के बावजूद लापरवाही
लिफ्ट अभी भी वारंटी अवधि में है, जो 23 जनवरी 2027 तक प्रभावी है। इसके बावजूद ऐसी तकनीकी गड़बड़ी सामने आना मेंटेनेंस और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। फिलहाल संबंधित एजेंसी द्वारा मरम्मत और सिस्टम सुधार का काम किया जा रहा है।
सुरक्षा पर बड़ा सवाल
यह घटना इस बात का संकेत है कि हाईटेक इमारतों में केवल आधुनिक सुविधाएं होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित परीक्षण और सही संचालन भी उतना ही जरूरी है।
अगर समय रहते इन खामियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में इससे भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
यह मामला एक चेतावनी है—सुविधाओं की चमक के पीछे छिपी छोटी तकनीकी खामियां कभी भी बड़ी परेशानी बन सकती हैं।



