Reg No. CG-06-0026209
WhatsApp Image 2026-06-28 at 09.42.10
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से खुल रहे हैं रोजगार के माध्यम, हर्बल केंद्र शुरू कर नोहर बना आत्मनिर्भर…

मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से खुल रहे हैं रोजगार के माध्यम

हर्बल केंद्र शुरू कर नोहर बना आत्मनिर्भर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से न केवल रोजगार के माध्यम खुले हैं, बल्कि युवा पीढ़ी को व्यवसाय शुरू करने में बल भी मिल रहा है। योजना का लाभ उठाते हुए युवा अपने जुनून एवं इच्छानुसार व्यवसाय करते हुए सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ा रहे हैं। योजना के तहत अनुदानित दर पर सरकार के द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखण्ड के ग्राम खेमड़ा निवासी नोहर चक्रधारी ने 12वीं की पढ़ाई करने के बाद हर्बल मार्केटिंग सीखा। उनके मन में यह इच्छा थी कि उनका स्वयं की हर्बल जड़ी बूटी की दुकान हो, लेकिन वह इतने सक्षम नहीं थे कि दुकान खोल सके।

See also  मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ अन्य पिछड़ा वर्ग सलाहकार परिषद की प्रथम बैठक...

नोहर चक्रधारी ने बताया कि मैं एक दिन बहुत परेशान था और ऋण के बारे में बता करने बैंक गया । वहां बैंक के मैनेजर ने बताया कि छत्तीसगढ़ ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 35 प्रतिशत अनुदान राशि के साथ ऋण प्रदाय किया जाता है। तो उन्होंने भी विभाग के अधिकारी से सम्पर्क कर अपना ऋण प्रकरण फार्म नियमानुसार भरकर विभाग में जमा कर दिया। विभाग द्वारा आवेदन बैंक को प्रेषित कर दिया। शाखा प्रबंधक द्वारा जांच के बाद दो लाख का ऋण स्वीकृत कर दिया गया, जिससे नोहर चक्रधारी ने अपनी हर्बल जड़ी-बूटी की दुकान खोली।

See also  संगम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लगाई पवित्र डुबकी, प्रवासी पक्षियों को खिलाया दाना...

नोहर बताते है कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम उनके लिए आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हुई। वर्ष 2022 से हर्बल जड़ी-बूटी की दुकान शुरू कर मैं आत्मनिर्भर तो हुआ ही साथ ही आर्थिक रूप से मजबूत हो गया। हर्बल केंद्र से मैं 15 से 20 हजार रुपए तक कमा लेता हूं और बैंक की किश्ते नियमित अदा कर रहा हूं। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मेरी खुद का हर्बल जड़ी बूटी का दुकान होगी। आज वह सपना साकार हुआ और मेरे आगे बढ़ने के रास्ते खुले। मैं और मेरा परिवार अब खुश हैं तथा मुख्यमंत्री जी को साधुवाद देता हूं जिससे मैं यहां तक पहुंचा और मुझे एक नई राह मिली।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!