Raigarh Opium Cultivation : ड्रोन की नजर में रायगढ़ के खेत: अफीम की खेती पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, पुलिस की कार्रवाई से पहले खुद साफ करें खेत

रायगढ़। रायगढ़ जिले के तमनार और लैलूंगा ब्लॉक में हाल ही में पकड़ी गई अफीम की भारी खेती ने पूरे प्रदेश को चौंका दिया था। इस मामले में सोमवार को कलेक्टर और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस (Joint PC) कर स्थिति स्पष्ट की। सीएसपी मयंक मिश्रा ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि अब तक की जांच में जिले में किसी बड़े ‘संगठित गिरोह’ (Organized Syndicate) के शामिल होने के प्रमाण नहीं मिले हैं, बल्कि ग्रामीण ‘अज्ञानता’ वश इस प्रतिबंधित फसल को उगा रहे हैं।
सिंडिकेट नहीं, अज्ञानता है असली विलेन
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएसपी मयंक मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में तमनार और लैलूंगा के सुदूर इलाकों (आमाघाट, नवीन घटगांव और मुड़ागांव) में बड़े पैमाने पर अफीम के पौधे जब्त किए हैं।
- असंगठित खेती: जांच में पाया गया कि यह खेती किसी गिरोह द्वारा नहीं, बल्कि छिटपुट रूप से नदी-नालों के किनारे और सीमावर्ती इलाकों में की जा रही है।
- जानकारी का अभाव: कई ग्रामीणों को यह पता ही नहीं है कि उनकी बाड़ी या खेत में लहलहा रही फसल प्रतिबंधित अफीम है। ‘लैक ऑफ नॉलेज’ के कारण लोग अनजाने में इस अपराध का हिस्सा बन रहे हैं।
प्रशासन की चेतावनी: ‘खुद उखाड़ें वरना जेल जाएँ’
कलेक्टर और एसएसपी के निर्देशन में प्रशासन ने जिले भर के ग्रामीणों के लिए एक ‘अंतिम अपील’ जारी की है:
1. स्वयं नष्ट करें: यदि किसी ग्रामीण ने अनजाने में अपनी बाड़ी या खेत में अफीम या गांजे के पौधे लगाए हैं, तो वे पुलिस की कार्रवाई से पहले उन्हें स्वयं उखाड़कर नष्ट कर दें।
2. ड्रोन से निगरानी: पुलिस अब ‘ड्रोन’ (Drone) तकनीक के जरिए जिले के चप्पे-चप्पे पर नजर रख रही है।
3. कड़ी कार्रवाई: यदि ड्रोन सर्वे या पुलिस जांच में दोबारा फसल पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत गैर-जमानती और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता के लिए ‘एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स’
पुलिस ने ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए कोटवारों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों के व्हाट्सएप ग्रुप बनाए हैं। इन ग्रुप्स के माध्यम से अफीम के पौधों की पहचान बताई जा रही है ताकि लोग इसे पहचान सकें और खुद को कानूनी पचड़े से बचा सकें। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है ताकि सीमावर्ती इलाकों में अफीम की आवक पर लगाम लगाई जा सके।



