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चांपा के वार्ड 21 में पीडीएस चावल की अवैध बिक्री का गंभीर मामला, पिकअप में लोड करते तस्वीरें वायरल …

जांजगीर-चांपा। शहर के वार्ड क्रमांक 21 में गरीबों के लिए आवंटित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल की अवैध बिक्री का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। आरोप है कि राशन दुकान से चावल की बोरियां उठाकर पिकअप वाहन में लोड की जा रही थीं, ताकि उन्हें खुले बाजार में बेच दिया जाए। इस पूरे घटनाक्रम की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।

तस्वीरों में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि किस तरह पीडीएस दुकान से चावल की बोरियां बाहर निकालकर एक पिकअप वाहन में रखी जा रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह चावल शासन द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए भेजा गया था, लेकिन दुकानदार द्वारा निजी लाभ के लिए उसे खुले बाजार में बेचने की तैयारी की जा रही थी।

निरीक्षण में सामने आई चौंकाने वाली स्थिति- इस पूरे मामले के सामने आने के बाद जब संवाददाताओं ने वार्ड नंबर 21 में संचालित पीडीएस दुकान का जायजा लिया, तो स्थिति और भी चौंकाने वाली नजर आई। दुकान का संचालन करने वाली संचालक मौके से गायब पाई गई, जबकि उसकी अनुपस्थिति में एक नाबालिग लड़के से बायोमेट्रिक मशीन के जरिए हितग्राहियों का अंगूठा निशान लिया जा रहा था।
नियमों के अनुसार राशन वितरण केवल अधिकृत दुकानदार या उसके पंजीकृत प्रतिनिधि द्वारा ही किया जाना चाहिए, लेकिन यहां खुलेआम नियमों की अनदेखी होती दिखाई दी। नाबालिग से बायोमेट्रिक प्रक्रिया कराना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि इससे राशन घोटाले की आशंका भी और गहरा जाती है।

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हितग्राहियों के गंभीर आरोप – स्थानीय हितग्राहियों ने दुकानदार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि दुकानदार समय पर दुकान नहीं खोलती, जिससे उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है। कई बार बिना किसी स्पष्ट कारण के राशन वितरण टाल दिया जाता है।
हितग्राहियों का यह भी आरोप है कि जब वे अपने हक का राशन मांगते हैं या शिकायत करते हैं, तो उनके साथ रूखा व्यवहार किया जाता है। कई लोगों ने बताया कि उन्हें निर्धारित मात्रा से कम राशन दिया जाता है, जबकि कागजों में पूरा वितरण दिखा दिया जाता है।
लोगों का कहना है कि इस संबंध में पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से दुकानदार के हौसले बुलंद हैं।

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वार्ड पार्षद ने उठाए सवाल – वार्ड पार्षद ने भी दुकानदार की मनमानी और अनियमितताओं पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि गरीबों के हक के राशन के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्षद ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित दुकानदार का लाइसेंस तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राशन वितरण जैसी जनकल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार गरीबों के साथ सीधा अन्याय है और ऐसे मामलों पर सख्ती जरूरी है।

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पहले भी आ चुका है मामला सामने
स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी चोरी का पीडीएस चावल खरीदने के मामले में दुकानदार को जैजैपुर पुलिस के समक्ष तलब किया जा चुका है। इसके बावजूद लापरवाही और अनियमितताओं में कोई सुधार नहीं हुआ है।
लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायत और कार्रवाई के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं होना प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है।

खाद्य विभाग पर भी उठे सवाल – इस पूरे प्रकरण में खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। नागरिकों का आरोप है कि अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किया जाता, जिससे दुकानदार मनमानी करने लगते हैं।
शहर में कई पीडीएस दुकानों में न तो समय पर दुकान खुलती है और न ही नियमों का पालन किया जाता है। कई जगहों पर हितग्राहियों से दुर्व्यवहार की शिकायतें भी सामने आती रही हैं, लेकिन कार्रवाई का अभाव बना हुआ है।

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लोगों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग

दिनदहाड़े पीडीएस चावल की अवैध बिक्री की कोशिश और नियमों की खुलेआम अनदेखी से क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो गरीबों तक पहुंचने वाला राशन माफियाओं के हाथों में चला जाएगा, जिससे सरकारी योजनाओं का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा।
फिलहाल प्रशासनिक स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना होगा कि जांच के बाद दोषियों पर कितनी सख्ती से कार्रवाई होती है और क्या गरीबों को उनके हक का राशन पारदर्शी तरीके से मिल पाएगा या नहीं।

वर्जन –

पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। गरीबों के हितों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा – पवन कोसमा, एसडीएम चांपा

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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