फर्जी IAS विवादों में घिरी पूजा खेडकर ने नौकर पर लगाया चोरी-साजिश का आरोप, जांच में जुटी पुलिस

फर्जी IAS विवादों में घिरी पूजा खेडकर ने नौकर पर लगाया चोरी-साजिश का आरोप, जांच में जुटी पुलिस
न्यूज डेस्क/पुणे : फर्जी दस्तावेजों के जरिए IAS बनने के आरोपों को लेकर पहले से विवादों में घिरी पूजा खेडकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने अपने ही घर में काम करने वाले नौकर पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। पूजा खेडकर ने पुलिस को फोन कर बताया कि उनके घरेलू सहायक ने उनके माता-पिता को नशीली दवा देकर बेहोश किया और फिर घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
माता-पिता को सिडेटिव देकर बेहोश करने का दावा
पूजा खेडकर के अनुसार, आरोपी नौकर नेपाल का रहने वाला है और हाल ही में उनके घर पर घरेलू सहायक के रूप में रखा गया था। पूजा ने पुलिस को बताया कि नौकर ने पहले उनके माता-पिता को सिडेटिव दवा दी, जिससे वे बेहोश हो गए। इसके बाद आरोपी ने पूजा को रस्सी से बांध दिया और घर में रखे सभी मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया।
खुद को छुड़ाकर बची पूजा, पुलिस को दी सूचना
पूजा खेडकर ने दावा किया कि उन्होंने किसी तरह दरवाजे की कुंडी की मदद से खुद को मुक्त किया और बाहर निकलने में सफल रहीं। घर में एक मोबाइल फोन बचा रह गया, जिससे उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही चतुश्रंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची, जहां पूजा के माता-पिता बेहोशी की हालत में मिले।
अस्पताल में भर्ती, अब हालत स्थिर
पुलिस ने तत्काल पूजा के माता-पिता को निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि अभी तक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन मौखिक बयान के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। चोरी गए सामान की पूरी सूची भी फिलहाल सामने नहीं आई है।
नौकर की तलाश जारी, हर एंगल से जांच
पुलिस आरोपी नौकर की तलाश में जुटी है और यह भी जांच कर रही है कि मामला चोरी का है या इसके पीछे कोई और साजिश है। अधिकारियों के अनुसार, लिखित शिकायत मिलने के बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी।
कौन हैं पूजा खेडकर?
पूजा खेडकर वही पूर्व IAS अधिकारी हैं, जिन पर फर्जी दस्तावेजों और अलग-अलग पहचान के जरिए UPSC परीक्षा में बैठने का आरोप लगा था। उन्होंने तय सीमा से अधिक बार परीक्षा दी थी। जांच में धोखाधड़ी सामने आने के बाद UPSC ने उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दी थी और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। फिलहाल यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।



