CG NEWS: एसीबी का रिपोर्ट कार्ड: हर महीने औसतन छह सरकारी कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़े गए, सूरजपुर और रायपुर रहे टॉप पर

रायपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने बीते दो वर्षों में रिश्वतखोरी के मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 शासकीय अधिकारी और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इस अवधि में औसतन हर महीने छह रिश्वतखोरों को रंगे हाथों पकड़ा गया। एसीबी की कार्रवाई में सबसे अधिक मामले पटवारियों से जुड़े सामने आए, जिनमें कुल 25 पटवारी गिरफ्तार किए गए हैं। लगभग सभी मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किए जा चुके हैं और सुनवाई की प्रक्रिया जारी है।
फैक्ट फाइल के अनुसार, वर्ष 2024 में 53 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी रिश्वत लेते हुए पकड़े गए। इस दौरान 20 स्थानों पर तलाशी ली गई और 10 पटवारियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं वर्ष 2025 में 37 रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारी एसीबी के जाल में फंसे। इस साल 40 स्थानों पर छापेमारी की गई और 15 पटवारियों की गिरफ्तारी हुई।
जिलावार आंकड़ों पर नजर डालें तो सूरजपुर जिले में सबसे अधिक 11 अधिकारी-कर्मचारी गिरफ्तार किए गए। इनमें जिला शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता, एसडीओ, उपनिरीक्षक, सहकारी निरीक्षक और दो पटवारी शामिल हैं। रायपुर जिले में दो वर्षों के दौरान कुल 10 अधिकारी-कर्मचारी पकड़े गए, जिनमें संयुक्त संचालक मछली पालन, महिला थाना निरीक्षक, सहायक अधीक्षक, सचिव, सरपंच और दो पटवारी शामिल रहे।
सरगुजा जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक अभियंता और दो पटवारियों सहित कुल आठ गिरफ्तारियां हुईं। मुंगेली जिले में छह ट्रैप मामलों के तहत नौ आरोपियों को पकड़ा गया। रायगढ़ जिले में एनटीपीसी के महाप्रबंधक सहित नापतौल और आबकारी विभाग के पांच कर्मचारियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। बलरामपुर जिले में एसीबी ने कार्रवाई करते हुए पांच पटवारियों को पकड़ा।
एसीबी के अनुसार, सबसे अधिक छापेमारी और गिरफ्तारी सूरजपुर में हुई, जहां 10 मामलों में 10 आरोपी पकड़े गए। रायगढ़ में नौ मामलों में नौ आरोपी, मुंगेली में छह मामलों में नौ आरोपी और रायपुर में पांच मामलों में 12 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
एसीबी-ईओडब्ल्यू के चीफ अमरेश मिश्रा ने बताया कि बीते दो वर्षों में 69 ट्रैप मामलों में 90 सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते पकड़ा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है और आगे भी यह अभियान इसी तरह चलता रहेगा।



