Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

हनुमान चालीसा पढ़ने का वो रहस्य, जो हर कोई नहीं जानता, गलत समय और गलत तरीके से किया पाठ नहीं देता पूरा फल, जानिए कब, कैसे और कितनी बार करें हनुमान चालीसा का पाठ

सनातन धर्म में हनुमान चालीसा को अत्यंत शक्तिशाली और चमत्कारी पाठ माना गया है। लगभग हर घर में इसका पाठ होता है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हनुमान चालीसा पढ़ने के भी कुछ खास नियम और समय होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, यदि सही विधि और नियमों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए, तो जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं भी दूर हो सकती हैं।

मान्यता है कि नियमों की अनदेखी करने पर पाठ का पूरा फल नहीं मिल पाता। ऐसे में आइए जानते हैं हनुमान चालीसा पाठ से जुड़े वे गुप्त नियम, जिनका पालन करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

हनुमान चालीसा का पाठ किस दिन करना चाहिए?
हनुमान चालीसा का पाठ सप्ताह के सातों दिन किया जा सकता है।
हालांकि, मंगलवार और शनिवार को इसका पाठ विशेष रूप से फलदायी माना गया है। इन दिनों हनुमान जी की आराधना करने से भय, शत्रु बाधा और मानसिक कष्ट दूर होते हैं।

See also  मोहला-मानपुर: स्कूल बस की चपेट में आने से 2 वर्षीय बच्ची की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

हनुमान चालीसा पढ़ने का सही समय क्या है?
हालांकि हनुमान चालीसा कभी भी पढ़ी जा सकती है, लेकिन कुछ समय ऐसे हैं जब इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है—

🔸 ब्रह्म मुहूर्त
सूर्योदय से लगभग डेढ़ घंटे पहले का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है।
सुबह 4 से 6 बजे के बीच हनुमान चालीसा पढ़ना सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इस समय मन शांत रहता है और पाठ जल्दी फल देता है।

Advertisment

🔸 सूर्यास्त का समय
सूर्यास्त के समय हनुमान चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और घर में सकारात्मक वातावरण बनता है।

🔸 प्रदोष काल
सूर्यास्त और रात्रि के मिलन का समय प्रदोष काल कहलाता है। इस समय किया गया पाठ संकटों से रक्षा करता है।

🔸 सोने से पहले

रात को सोने से पहले हनुमान चालीसा का पाठ करने से बुरे सपने, डर और मानसिक तनाव से राहत मिलती है।

See also  CG News : लकड़ी तस्करों का आतंक, डिप्टी रेंजर पर कुल्हाड़ी से किया जानलेवा हमला, अस्पताल में इलाज जारी

हनुमान चालीसा का पाठ कितनी बार करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार—

1, 7, 11, 21 या 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना गया है।

विशेष मनोकामना के लिए 21 दिन या 40 दिन का संकल्प लेकर पाठ किया जाता है।

हनुमान चालीसा पढ़ने की सही विधि
सबसे पहले पूजा स्थल की साफ-सफाई करें।

स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

भगवान गणेश और प्रभु श्रीराम का स्मरण करें।

हनुमान जी की मूर्ति या चित्र के सामने घी या तिल के तेल का दीपक जलाएं।

यदि मनोकामना हो तो संकल्प लें।

शांत वातावरण में आसन पर बैठकर पाठ करें।

पाठ पूर्ण होने पर गुड़-चना या बूंदी का भोग लगाएं।

अंत में हाथ जोड़कर क्षमा प्रार्थना करें।

हनुमान चालीसा पाठ के जरूरी नियम
शुद्ध शरीर और शांत मन से ही पाठ करें।

See also  रायपुर:-सेल्समैन ही निकला 30 लाख की चोरी का मास्टरमाइंड, चोरी के बाद टूटा पैर,पुलिस ने अस्पताल से दबोचा...

स्नान के बाद ही हनुमान चालीसा पढ़ें।

जमीन पर आसन बिछाकर बैठें।

पाठ करते समय मुख पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर रखें।

जल्दबाजी में पाठ न करें, हर चौपाई को भाव से पढ़ें।

मन में किसी भी प्रकार का नकारात्मक विचार न लाएं।

पाठ के बाद क्षमा याचना अवश्य करें।

अंतिम बात
हनुमान चालीसा केवल पाठ नहीं, बल्कि भक्ति, विश्वास और अनुशासन का संगम है।
कहा जाता है कि जब व्यक्ति पूरी श्रद्धा और नियमों के साथ इसका पाठ करता है, तो हनुमान जी स्वयं उसकी रक्षा करते हैं और हर संकट से बाहर निकालते हैं।

डिस्क्लेमर:
इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जनश्रुतियों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सत्यता या सटीकता का दावा नहीं करते। किसी भी विशेष समस्या के लिए संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!