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प्रेगनेंसी में थायरॉइड का खतरा क्यों रहता है? कैसे बचाव करें

थाइराइड ग्लैंड से अगर थाइराइड कम या ज्यादा मात्रा में बने तो इससे थाइराइड की बीमारी हो जाती है. महिलाओं में इसके मामले ज्यादा आते हैं. खासतौर पर प्रेगनेंसी के दौरान इसका रिस्क अधिक होता है. समय पर अगर इसकी पहचान न हो तो ये मां और बच्चा दोनों के लिए खतरनाक हो सकता है. प्रेगनेंसी में थाइराइड क्यों बढ़ता है. इससे कैसे बचाव किया जा सकता है इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं.

दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल में मेडिसिन विभाग में एचओडी डॉ सुभाष गिरि बताते हैं किप्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं. इनका असर थायरॉइड ग्लैंड पर पड़ता है. इस ग्लैंड के फंक्शन में कमी आती है तो थाइराइड की समस्या हो जाती है. प्रेगनेंसी के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन ज्यादा बढ़डने लगता है, इससे थाइराइड ज्यादा एक्टिव हो जाता है और थाइराइड की बीमारी होती है. कुछ मामलों में महिला पर्याप्त मात्रा में आयोडिन का सेवन नहीं करती है इससे भी ये बीमारी हो जाती है.

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दो प्रकार की होती है थाइराइड की बीमारी
डॉ गिरि बताते हैं कि थाइराइड दो प्रकार का होता है. एक हाइपोथाइराइड और दूसरा हाइपरथाइराइड इनके लक्षण भी अलग अलग हो सकते हैं. हाइपोथाइराइड में ज्यादा थकान, कब्ज, वजन बढ़ना और हेयर फॉल जैसी समस्या होती है. वहींं, हाइपरथाइराइड में दिल की धड़कन तेज होना, वजन कम होना, पसीना ज्यादा आना जैसे लक्षण दिखते हैं. दोनों ही मामलों में इलाज की जरूरत होती है.

डॉ गिरि कहते हैं कि डाइट में सुधार और दवाओं के माध्यम से इसको कंट्रोल किया जा सकता है. हालांकि कुछ महिलाओं देशी नुस्खों के फेर में रहती हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. क्योंकि अगर थाइराइड कंट्रोल में नहीं आया तो ये महिला और होने वाले बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है.

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प्रेगनेंसी में किन महिलाओं को ज्यादा खतरा होता है?
दिल्ली के आरएमएल हॉस्पिटल में महिला रोग विभाग में डॉ सलोनी चड्ढ़ा बताती हैं कि जिन महिलाओं को पहले कभी थाइराइड हुआ हो या पहले मिसकैरेज हुआ हो उनको प्रेगनेंसी में थाइराइड का रिस्क होता है. खासतौर पर पहले तीन महीनों में थायरॉइड ग्लैंड पर सबसे ज्यादा दबाव पड़ता है, इसलिए शुरुआत में ही TSH टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. समय पर जांच से बीमारी की पहचान और इलाज आसानी से हो जाता है.

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बचाव कैसे करें?
पहली प्रेगनेंसी विज़िट में थायरॉइड चेक जरूर कराएं

आयोडीन वाले नमक का सेवन करें

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थायरॉइड की दवा समय पर लें

हर 68 हफ्ते में थायरॉइड लेवल मॉनिटर करवाएं

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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