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किसान स्कूल में शास पू मा वि अमरताल की शैक्षणिक भ्रमण

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जांजगीर-चांपा। छत के ऊपर किस्म किस्म की बागवानी फूल और 36 प्रकार के बाजी से भाजी से सुसज्जित थे और नीचे बाड़ी में विभिन्न प्रकार के पेड़ पौधे फलदार, फूलदार, जड़ वाले और बायोगैस का उत्पादन, जीवामृत का निर्माण, अजोला जैसे प्राकृतिक प्रोटीन युक्त पौधा जो गायों के लिए सबसे उपयोगी है। अक्षय चक्र फसल का निर्माण, जो देखते ही बनता है हर मौसम में हमेशा कुछ न कुछ उगता ही रहता है। मोती का पेड़ देखकर बच्चे बहुत आश्चर्यचकित हुए इस प्रकार रामफल, सीताफल नींबू आम मूनगा नींबू घास को देखकर बच्चे बहुत आनंदित हुए। और बहुत कुछ प्रेरणा मिली जिसकी चर्चा सभी अपने घरों में मजे से कर रहे हैं। सचमुच यह यात्रा हम सब के लिए बहुत ही प्रेरणादाई रहा। सीख मिली की एक घर और छोटे से जगह में कितना कुछ किया जा सकता है।भारत के एक मात्र किसान स्कूल का निर्माण घर देख कर अभिभूत थे। इसके बाद बच्चे ध्यान मंदिर गए। जहां ध्यान भी किया, सन्यासियों के साथ पूरे आश्रम का भ्रमण किया, और सुकून और शांति का एहसास की। तत्पश्चात बच्चे खाटू श्याम बाबा का प्रेम मंदिर का भी दर्शन किया जो रास्ते में ही पड़ता है। बहुत ही सुंदर रही हमारी यात्रा और हम सब अंत में अपने सही सलामत घर पहुंच गए।
प्रधान पाठिका अरुणा व्यास मीरी एवं शिक्षक सूरजभान सिंह मरकाम के साथ 21 बच्चों ने किया किसान स्कूल का शैक्षणिक भ्रमण। संजना खूंटे, दीक्षा टंडन,वर्षा कुर्रे,पूनम जाटवर,भाग्य पाटले,चिंकी यादव,आंचल डहरिया,भावना रात्रे, कल्पना कुर्रे,मनिता निराला,अमन मिरी,हिमेश,डहरिया, भूनेश भारद्वाज, ऋतिक,रवि डहरिया,धनंजय,दीपेंद्र, ब्रजेश कुर्रे,विकास,सागर, सूर्या डहरिया, डैनिश कुर्रे,मोनिका खूंटे समेत लगभग 25 लोग शामिल हुए।



