Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
b5ce874a-8a3f-482a-9d4a-eaf6ab18dc7e
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

पैसे की इमरजेंसी में क्या चुनें: पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड या ओवरड्राफ्ट? सही फैसले से बच सकते हैं हजारों रुपये

जिंदगी में कब, कैसी जरूरत आ पड़े, कोई नहीं जानता. कई बार हम सब एक ऐसी स्थिति में फंस जाते हैं, जहां अचानक पैसों की जरूरत होती है. ऐसे वक्त में, जब हाथ तंग होता है, तो एक आम आदमी के पास मोटे तौर पर तीन रास्ते होते हैं. बैंक से ओवरड्राफ्ट लेना, पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करना या फिर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करना.

ये तीनों विकल्प पैसे जुटाने में मदद तो करते हैं, लेकिन इन सभी की अपनी-अपनी शर्तें और लागत होती है. सवाल यह उठता है कि आपकी खास जरूरत के लिए इन तीनों में से कौन सा विकल्प सबसे कम महंगा और सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होगा?

इनके लिए ठीक है ओवरड्राफ्ट की सुविधा
ओवरड्राफ्ट सुविधा को अकसर लोग ठीक से समझ नहीं पाते. यह एक खास बैंकिंग सुविधा है जो बैंक अपने भरोसेमंद ग्राहकों को देते हैं. अगर आपका बैंकिंग रिकॉर्ड साफ-सुथरा है तो बैंक आपको आपके सेविंग्स या करंट अकाउंट में मौजूद बैलेंस से ज्यादा पैसे निकालने की इजाजत दे देता है. इसे ही ओवरड्राफ्ट कहते हैं.

मान लीजिए आपके खाते में 10,000 रुपये हैं और बैंक ने आपको 50,000 रुपये की ओवरड्राफ्ट लिमिट दी है, तो आप 60,000 रुपये तक निकाल सकते हैं. हालांकि, यह सुविधा मुफ्त नहीं है. आप जितनी अतिरिक्त रकम (हमारे उदाहरण में 50,000 रुपये तक) इस्तेमाल करते हैं, उस पर आपको ब्याज देना पड़ता है. इसलिए, इसका इस्तेमाल करने से पहले यह जरूर पता कर लें कि ब्याज दर कितनी है. फाइनेंस एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह विकल्प व्यापारियों या बिजनेसमैन के लिए ज्यादा मुफीद होता है, जिन्हें रोजमर्रा के कामकाज के लिए थोड़े समय के लिए पैसों की जरूरत पड़ती रहती है. आम आदमी के लिए इसकी सीमा आमतौर पर सीमित होती है और कभी-कभी इसकी ब्याज दर पर्सनल लोन से थोड़ी ज्यादा भी हो सकती है.

See also  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ‘अविस्मरणीय यात्रा’ पुस्तक का किया विमोचन, महिला पत्रकारों ने नारी शक्ति वंदन के संकल्प को महिला सशक्तिकरण की ओर बताया ऐतिहासिक कदम

पर्सनल लोन सबसे अच्छा विकल्प
जब खर्च बड़ा हो, जैसे घर में शादी-ब्याह, बच्चों की ऊंची पढ़ाई, घर की मरम्मत या कोई बड़ी मेडिकल इमरजेंसी, तब पर्सनल लोन एक जाना-माना विकल्प है. यह सुविधा नौकरीपेशा लोगों और बिजनेसमैन, दोनों के लिए उपलब्ध होती है. इसमें बैंक आपको आपकी योग्यता के आधार पर एकमुश्त यानी एक साथ बड़ी रकम दे देता है. इस पैसे को आपको हर महीने एक बंधी हुई किश्त (EMI) के रूप में चुकाना होता है.

Advertisment

पर्सनल लोन का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपको पता होता है कि आपको हर महीने कितना पैसा देना है, जिससे आपका बजट नहीं बिगड़ता. लेकिन, बैंक यह लोन देने से पहले आपकी पूरी जांच-पड़ताल करता है. आपका क्रेडिट स्कोर (CIBIL स्कोर) कैसा है, आपकी महीने की आमदनी (सैलरी) कितनी है, और क्या आप लोन चुका पाएंगे? इन सभी चीजों की जांच के बाद ही लोन पास होता है. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि पर्सनल लोन पर ब्याज दर बाकी की तुलना में कम होती है, जिससे आपके हजारों रुपये बच सकते हैं.

See also  कुटुंब न्यायालय में प्रधान आरक्षक और सिपाही के बीच जमकर मारपीट, थाने में भी हंगामा

क्रेडिट कार्ड से मदद मंहगा सौदा

आज के दौर में क्रेडिट कार्ड का चलन बहुत तेजी से बढ़ा है. यह ‘अभी खरीदो, बाद में चुकाओ’ (Buy Now, Pay Later) के सिद्धांत पर काम करता है. यानी आपको एक लिमिट दे दी जाती है, आप उस तक खर्च करते हैं और बिल आने पर भुगतान करते हैं. क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा फायदा इसकी तत्काल उपलब्धता है. कुछ क्रेडिट कार्ड तो चंद सेकंड में पैसे सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने की सुविधा भी देते हैं. लेकिन, क्रेडिट कार्ड एक दोधारी तलवार है. अगर आपने समय पर पूरा बिल नहीं चुकाया, तो बची हुई रकम पर लगने वाला ब्याज बहुत ज्यादा होता है, जो अकसर 30% से 40% सालाना तक पहुंच सकता है. यह इसे सभी विकल्पों में सबसे महंगा बना देता है. इसलिए, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब आप आश्वस्त हों कि आप अगले महीने बिल का पूरा भुगतान कर देंगे.

See also  RBI एमपीसी ने ब्याज दरों को स्थिर रखा, महंगाई दर का अनुमान घटाया

जरूरत के हिसाब से लें फैसला
तो सवाल वही है कि आखिर चुनें क्या? देखिए, हर विकल्प की अपनी जगह है. अगर आपको कुछ हजार रुपयों की जरूरत है और आप 1-2 महीने में उसे चुका सकते हैं, तो ओवरड्राफ्ट ठीक है, खासकर अगर आप बिजनेसमैन हैं. अगर खर्च बड़ा है (लाख या दो लाख) और आप उसे चुकाने के लिए 2-3 साल का समय चाहते हैं, तो पर्सनल लोन सस्ता विकल्प हो सकता है. वहीं, अगर आपको फौरन कुछ खरीदारी करनी है या छोटा-मोटा बिल भरना है और आप अगले महीने ही पैसे लौटा सकते हैं, तो क्रेडिट कार्ड सही रहने वाला है.

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!