Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

कचौरी-समोसे खाने वाले हो जाएं सावधान: जले काले तेल में बार-बार तलने से बढ़ रही जानलेवा बीमारियां, हर दिन अस्पताल पहुंच रहे सैकड़ों मरीज

अगर आप अक्सर होटल, रेस्टोरेंट या ठेले से कचौरी, समोसे, पकोड़े जैसे तले हुए व्यंजन खाना पसंद करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। राजस्थान पत्रिका की पड़ताल में सामने आया है कि इन खाद्य वस्तुओं को बार-बार जले हुए काले तेल में तलकर परोसा जा रहा है, जिससे हार्ट अटैक, कैंसर, स्ट्रोक, लकवा, मोटापा और पेट की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।

एक ही जले हुए तेल का बार-बार इस्तेमाल
पत्रिका की टीम ने उदयपुर शहर के प्रमुख होटल, रेस्टोरेंट और ठेलों पर जाकर जांच की तो हर जगह काला, गाढ़ा और बार-बार गर्म किया गया तेल इस्तेमाल होता पाया गया। यूनिवर्सिटी मार्ग, गुलाबबाग रोड, चेतक, पुलिस लाइन, माली कॉलोनी जैसे क्षेत्रों में समोसे, कचौरी, पूड़ियां और पकोड़े जले हुए तेल में तले जा रहे थे।

See also  IPL 2025: रियान पराग के फैन ने लाइव मैच के दौरान मैदान में मारी एंट्री, उसके बाद…

“एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें फ्री रेडिकल्स बनने लगते हैं, जो कैंसर, हार्ट अटैक और अल्जाइमर जैसे रोगों को बढ़ावा देते हैं।”
— डॉ. ओ.पी. मीणा, वरिष्ठ चिकित्सक, मेडिसिन विभाग

हर दिन आ रहे 400-500 मरीज
उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज के अनुसार, रोजाना 400 से 500 मरीज कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की बीमारी और फैटी लिवर जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। हर चौथे मरीज को फैटी लिवर और हर दूसरे मरीज को हाई कोलेस्ट्रॉल पाया गया है।

जले तेल से कैसे बढ़ता है खतरा?
जले हुए तेल में विषैले रसायन बनते हैं, जो शरीर में जाकर गैस, अपच, एसिडिटी और पेट के कैंसर का कारण बनते हैं।

Advertisment

बार-बार गर्म किया गया तेल ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ को बढ़ाता है, जिससे नसों में ब्लॉकेज और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है।

See also  शिक्षकों के युक्त युक्तिकरण में शिक्षा विभाग के दो अलग अलग नियम,  डीईओ की मनमानी की सजा भुगत रहे शिक्षक...

यह तेल ब्लड को गाढ़ा बना देता है और सांस लेने में तकलीफ हो सकती है।

डायबिटीज और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ता है।

“तेल जब काला पड़ता है तो उसमें से एंटीऑक्सीडेंट खत्म हो जाते हैं, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घटती है।”
— डॉ. मनीष कंडेला, विशेषज्ञ चिकित्सक

क्या करें आम लोग?
जितना हो सके, घर का ताजा बना खाना खाएं।

ठेले-होटलों पर तलकर परोसी गई चीजें खाने से बचें।

बच्चों और बुजुर्गों को तले हुए फूड से दूर रखें।

तेल को बार-बार दोबारा इस्तेमाल न करें, घर में भी सिर्फ एक बार गर्म करके उपयोग करें।

See also  Raipur Breaking : कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने CMHO कार्यालय का किया औचक निरीक्षण, कर्मचारियों को दिए ये निर्देश…

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!