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एनटीपीसी में फ्लाईएश डंपिंग घोटाला: भाड़ा बचाने गाडिय़ां रायपुर की जगह कलमी में डंप करने पहुंची, हुआ हंगामा

पर्यावरण विभाग ने 6 गाडिय़ों को पकड़ा, 4 लाख 5 हजार की लगाई पेनाल्टी

रायगढ़। फ्लाई एश डंप करने को लेकर जिले में एक बड़ा घोटाला चल रहा है, एनटीपीसी से निकली फ्लाई एश लोडेड गाडिय़ां, जो रायपुर के भारतमाला सड़क परियोजना और बलौदाबाजार के लिए भेजी गई थी, लेकिन उन्हें रायगढ़ से लगे कलमी गांव में डंप करने की कोशिश की जा रही थी। उस समय गांव वालों ने उन्हें पकड़ लिया।
जब बुधवार की सुबह 4.30 बजे ग्रामीणों ने एक साथ करीब 12 गाडिय़ों को पकड़ा, इसके बाद उन्होंने पुलिस को बुलाया, फिर पर्यावरण विभाग को इसकी सूचना दी। विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और 6 गाडिय़ां मौके पर पकड़ ली, जबकि बाकी गाडिय़ां भाग खड़ी हुई है। जुलाई के पहले सप्ताह में एनटीपीसी लारा की फ्लाईएश की गाडिय़ों के साथ ऐसी घटना सामने आई थी, 15 दिनों के भीतर में दूसरी बार ऐसी ही घटना सामने आई है।

जांच में पता चला कि यह फ्लाई एश एक स्टील प्लांट की जमीन में डंप की जा रही थी। उसके आसपास इलाकों में काफी संख्या में लोग रहते है। इन फ्लाईएश का इस्तेमाल रायपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए और बलौदाबाजार में होना था, पर्यावरण विभाग ने मामले की जांच के बाद एनटीपीसी पर 4 लाख 5 हजार रुपए का जुमार्ना लगाया और गाडिय़ों को प्लांट वापस भेजने का आदेश दिया है, ट्रांसपोर्टरों द्वारा जीपीएस को हैककर कहीं भी फ्लाई एश डंप कर दिया जा रहा है।

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बुधवार को शहर से लगे कलमी में हंगामा हो गया, दरअसल एनटीपीसी लारा से करीब 12 ट्रेलर फ्लाईएश भरी गाडिय़ां निकली थी। जो सुबह करीब 4 बजे कलमी गांव में खाली जमीनों में अवैध रूप से डंप होने के लिए आ रही थी, गांवों के लोगों को इसकी जानकारी लग गई। सारे लोग सुबह ही उठ गए और ट्रेलर को पकड़ लिया, इसके बाद वहां पर हंगामा खड़ा हो गया।
पुलिस को इसकी जानकारी दी गई, पुलिस वहां पहुंच गई, इसके बाद पुलिस ने गांवों वालों को शांत कराया, इसके बाद उन गाडिय़ों पर कार्रवाई करने के लिए पर्यावरण विभाग के अफसरों को बुलाया गया। पर्यावरण विभाग के अफसर वहां जब पहुंचे तो कार्रवाई करना शुरु किया तो उन पर कई तरह दबाव बनाना शुरु हो गया, इसके बाद पर्यावरण विभाग ने करीब 6 गाडिय़ों पर कार्रवाई करते हुए करीब 4 लाख 5 हजार रूपए की पेनाल्टी लगाई है। यह पेनाल्टी एनटीपीसी लारा प्रबंधन पर लगाया गया है, उन्हें नोटिस भी जारी किया गया है। इसमें इन नंबरों सीजी 13 एयू 2301, सीजी 13 बीडी 8909, सीजी 13 एडब्ल्यू 1384, सीजी 13 एवी 2302, सीजी 13 एडब्ल्यू 1386, सीजी 13 एयू 2299 की गाडिय़ों को पकड़ा गया है।

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ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा
फ्लाई एश ट्रांसपोर्टर यूनियन के अध्यक्ष विलिस गुप्ता ने बताया कि अगर ऐसा हो रहा है, तो बहुत गलत है।
फ्लाई एश निर्धारित स्थान पर ही डंप करना है, इसे लेकर यूनियन के पदाधिकारियों और सदस्यों के साथ चर्चा की जाएगी और इस तरह कोई गलत करते पाया जाता है तो उसे यूनियन से ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

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एक्सप्रेस हाईवे के लिए जानी थी गाडिय़ां
दरअसल रायपुर से लेकर विशाखापट्टनम तक नेशनल हाईवे बनाया जा रहा है, एनटीपीसी लारा से निकलने वाला फ्लाईएश को मेजर तौर पर गड्ढों की फीलिंग और सड़कों के निर्माण के लिए फ्लाईएश भेजे जाने के लिए एग्रीमेंट हुआ है। पर्यावरण विभाग के अफसरों का कहना है कि कुछ गाडिय़ों की फ्लाईएश को बलौदाबाजार के भू-भराव के लिए लिया जा रहा था। लेकिन यह गाडिय़ां बलौदाबाजार और रायपुर ना जाकर एनटीपीसी से महज 15-20 किलोमीटर दायरे में ही फ्लाईएश को डंप कर रही थी, ऐसा पिछले लंबे समय से देखा जा रहा है, एनटीपीसी में फ्लाईएश ट्रांसपोटिंग काम रायपुर की एक कंपनी को मिला है, लेकिन इसका काम रायगढ़ के पेटी कॉन्ट्रेक्टरों द्वारा किया जा रहा है।

कार्रवाई से बचने जीपीएस को कार में लगा देते हैं ट्रांसपोर्टर
पर्यावरण विभाग ने फ्लाई एश डंपिंग में गड़बड़ी रोकने के लिए जीपीएस सिस्टम लागू किया था जिसमें कहा गया था कि फ्लाई एश जहां डंप करना है उसे अलग जगह डंप नहीं किया जा सकता। लेकिन ट्रांसपोर्टर ज्यादा चालक निकले जीपीएस सिस्टम डंपर से निकालकर अपने कार में लगा ली और फ्लाई एश इधर उधर डंप करने लगे। है, फ्लाईएश से जुड़ी ट्रक का सारा जीपीएस कार में रख देते हंै और उस कार को गंतव्य जगहों में भेज देते हैं, जहां पर फ्लाईएश गाडिय़ा जानी होती है। इधर फ्लाईएश की गाडिय़ां पॉवर प्लांट के आसपास इलाके जो 15-20 किलोमीटर में ही डंप कर देती है, ट्रांसपोर्टर प्लांटों से पूरा भाड़ा पूरा ले लेते हंै, इसमें एनटीपीसी के अफसरों के साथ भी मिली भगत की बात कही जा रही है। 15 दिनों में दो बार ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी है, इसके पहले राजीम और बारद्वार के पास फ्लाईएश डंप की जानी थी, लेकिन आसपास इलाकों में फ्लाईएश डाली जा रही थी। जुलाई के पहले सप्ताह में यह बात सामने आने के बाद ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ ब्लैक लिस्ट करने की कार्रवाई करने की बात एनटीपीसी ने कही थी।

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5 गाडिय़ां भाग खड़ी हुई

बुधवार की सुबह जब कलमी में काफी संख्या में ग्रामीण और पुलिस वहां पर पहुंच गए इसके बाद पर्यावरण अधिकारियों के ऊपर लगातार दबाव बनाना भी शुरु हो गया। इसी बीच 5 गाडिय़ां जो अवैध तरीके से डंप होने के लिए कलमी पहुंची हुई थी, वह चुपके से वहां से पांच गाडिय़ां भाग खड़ी हुई, वहीं करीब छह गाडिय़ों पर ही पर्यावरण विभाग कार्रवाई कर सका।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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