Raigarh News: बुनियादी शिक्षा के तहत स्कूलों में 3 करोड़ रूपए के घटिया खेल साम्रगी की खरीदी, पूर्व डीईओ सहित 3 को शोकॉज नोटिस

2023 का मामला, केन्द्र सरकार के सुझाव के बाद सरकारी स्कूलों के लिए खरीदी गयी थी साम्रगी
रायगढ़। केंद्र सरकार ने 0 से 8 साल तक के बच्चों को बुनियादी शिक्षा देने के लिए योजना शुरू की थी, शिक्षा विभाग के अफसरों ने इसे भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया। स्कूल शिक्षा विभाग के अफसरों ने कमीशन के लालच में लोकल वेंडर को बैकडोर से एंट्री दी थी, भंडार क्रय नियमों के विरुद्ध करीब 2.85 करोड़ की घटिया सामग्री खरीद ली थी। घपले की जांच हुए साल भर से अधिक समय हो गया है, इसमें पूर्व कलेक्टर कातिर्कया गोयल ने कार्रवाई करने के निर्देश दिया था, अब इस मामले में पूर्व डीईओ (रिटायर हो चुके), डीएमसी और समग्र शिक्षा अभियान पूर्व सहायक परियोजना अधिकारी को शोकॉज नोटिस जारी कर दिया गया है, उन्हें स्पष्टीकरण देने के लिए कह दिया गया है। बताया जाता हैं कि इसमें रिव्हकरी के साथ अपराधिक मामला दर्ज करने की भी कार्रवाई की जा सकती है।
देश में प्राथमिक शालाओं में शिक्षा की बुनियाद को मजबूत करने केंद्र सरकार ने फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी मतलब मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता नामक अभियान शुरू किया है। इसी के तहत ही बच्चों के लिए खेल और शिक्षण साम्रगियों की खरीदी की गई थी। इसमें घपला होने की बात सामने आने के बाद इसकी जांच 2023 में शुरु हुई जो एक साल बाद 2024 में पूरी हुई थी, तत्कालीन अपर कलेक्टर राजीव पाण्डेय ने जांच रिपोर्ट को कलेक्टर
रहे कार्तिकेया गोयल को सौंप दी थी। अब कार्तिकेया गोयल के ट्रांसफर होने के बाद अब फाइल पर कार्रवाई शुरु हो गई है, इस मामले में संलिप्त अफसरों को नोटिस जारी किया गया है।
दरअसल 0 ये 8 वर्ष तक के बच्चों का समग्र विकास करने के लिए कुछ सामग्री क्रय करने के सुझाव दिए गए थे। सरकार ने नीति के तहत 100 सामग्रियों की सूची जिलों में भेजी थी जिसमें से करीब 25 का चयन कर क्रय किया जाना था। संबंधित क्षेत्र के अनुरूप सामग्री का चयन करना था। राजीव गांधी शिक्षा मिशन में केंद्र सरकार की राशि से 1970 प्रायमरी स्कूलों को सामग्री क्रय कर सप्लाई किया गया है। प्रति स्कूल 14 हजार रुपए के हिसाब से 2.85 करोड़ रुपए की सामग्री क्रय कर ली गई।
इसमें बताया जाता है कि इस मामले में पूर्व डीईओ बी बाख्ला, डीएमसी एनके चौधरी और सहायक परियोजना अधिकारी आलोक स्वर्णकार को शिक्षा विभाग के विधि शाखा के माध्यम से शोकॉज नोटिस जारी किया गया है, यह कार्रवाई की पहली दिशा में कदम उठाया गया है। इसके बाद इन अफसरों के ऊपर सख्त कार्रवाई के लिए कदम उठाया जा सकता है, इसमें दोषी अफसरों के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई हो सकती है।
अटैचमेंट में था शिक्षक रिलिव किया गया
समग्र शिक्षा अभियान कार्यालय में पदस्थ्य सहायक परियोजना अधिकारी आलोक स्वर्णकार कार्यालय में अटैचमेंट में थे, उनका अटैचमेंट का समय भी खत्म हो चुका था, शासन ने उनकों मूल जगह तराईमाल के स्कूल में वापस भेज दिया था, लेकिन डीईओ ने फिर भी उसे कार्यालय अटैच रखा था, लेकिन कुछ दिनों पहले ही स्वर्णकार को वापस तराईमाल स्कूल में भेज दिया गया है। वहां पर वर्षों बाद स्कूल में स्वर्णकार ने जाकर ज्वाइनिंग दी है।



