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पहलगाम आतंकी हमले में NIA का बड़ा खुलासा, मुश्ताक अहमद जरगर ने करवाया था हमला, कंधार हाईजैक के बाद मसूद अजहर के साथ हुई थी रिहाई…

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम आतंकी हमले में NIA की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में पता चला है कि हमले में अल उमर मुजाहिदीन के मुखिया मुश्ताक अहमद जरगर (Mushtaq Ahmed Zargar) की भूमिका थी। उसके समर्थकों ने पहलगाम हमले के ओवर ग्राउंड वर्करों (OGW) की मदद की थी। गिरफ्तार ओवरग्राउंड वर्करों की पूछताछ में ही ये अहम खुलासा हु़आ है।

बता दें कि मुश्ताक अहमद जरगर के संगठन अल उमर मुजाहिदीन को भारत सरकार ने प्रतिबंधित किया हुआ है। साल 2023 में उसके घर को एनआईए ने कुर्क किया था।

मुश्ताक अहमद जरगर आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद का ऑपरेशनल कमांडर है और 2019 में हुए पुलवामा हमले में आरोपी भी है। मुश्ताक जरगर को कंधार हाईजैक (Kandahar Hijack) की वारदात में मौलाना मसूद अजहर के साथ रिहा किया गया था और फिलहाल वह पाकिस्तान में रह रहा है।

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जरगर के आतंकी संगठन को भारत सरकार ने प्रतिबंधित किया हुआ है और 2023 में उसके घर को नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) ने कुर्क किया था। सूत्रों के मुताबिक, मुश्ताक जरगर फिलहाल पाकिस्तान में है, लेकिन श्रीनगर का होने के नाते ओवर ग्राउंड वर्करों और उनके समर्थकों में उसकी पकड़ बताई जा रही है। लिहाजा पहलगाम आतंकी हमले में जरगर की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

कब हुई थी कंधार हाईजैक की घटना?

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दरअसल पाकिस्तानी आतंकियों ने इंडियन एयरलाइंस के इस विमान को 24 दिसंबर 1999 को उस समय हाईजैक कर लिया था, जब ये काठमांडू से दिल्ली आ रहा था। विमान में क्रू मेंबर्स समेत 191 यात्री सवार थे। इन यात्रियों के बदले आतंकियों ने मौलाना मसूद अजहर समेत 3 आतंकियों की रिहाई की शर्त रखी थी। उस वक्त की अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने पैसेंजरों की जान बचाने के लिए तीन आतंकियों को छोड़ने का फैसला किया। लिहाजा 7 दिन बाद रिहाई की शर्तों पर सहमति बनी और यात्रियों को 31 दिसंबर 1999 को छोड़ा गया था। इसी मसूद अजहर ने 2000 में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद बनाया था।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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