Terror Attack : कश्मीर घाटी में फिर आतंकवादी हमला, घर में घुसकर की नागरिक की हत्या…मचा हड़कंप

नई दिल्ली। Terror Attack : आतंकवाद विरोधी अभियानों में तेज़ी लाने के बीच, सुरक्षाबलों ने कश्मीर घाटी में पिछले 24 घंटों के भीतर सक्रिय आतंकवादियों के चार और घरों को विस्फोटकों से उड़ा दिया। वहीं, जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में अज्ञात बंदूकधारियों ने एक नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी। मारे गए व्यक्ति का नाम गुलाम रसूल मगरे था, जो एक आम नागरिक था और जिनका भाई कुछ साल पहले पाकिस्तान चला गया था, जहां वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ गया है।
पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात कंडी खास इलाके में संदिग्ध बंदूकधारियों ने 45 वर्षीय गुलाम रसूल मगरे पर गोली चलाई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत चिकित्सा सुविधा में भर्ती कराया गया, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है, लेकिन हत्या के कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, मगरे का भाई गुलाम मोहिदीन पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लश्कर-ए-तैयबा के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है।
इस हत्या के बाद, संयुक्त सुरक्षा बलों ने हमलावरों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब कश्मीर में सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ अभियान तेज़ कर दिया है, खासकर पहलगाम हमले के बाद। अब तक कम से कम नौ आतंकवादियों के घरों को विस्फोटकों से ध्वस्त किया जा चुका है, और सैकड़ों संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।
आतंकवादियों के घरों को ध्वस्त किया गया
शनिवार शाम से विस्फोटकों के उपयोग से तीन और आतंकवादियों के घरों को नष्ट कर दिया गया। इन घरों में ज़ैनपोरा शोपियां में अदनान सफी डार, बांदीपोरा में जमील अहमद शीर गोजरी और पुलवामा के त्राल में आमिर नजीर वानी के घर शामिल हैं।
ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) की गिरफ्तारी
इस बीच, बडगाम जिले में दो “कट्टर” ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत हिरासत में लिया गया। पुलिस के मुताबिक, इन दोनों की गिरफ्तारी आतंकवादियों को सक्रिय समर्थन देने के आरोप में की गई है। ताहिर अहमद कुमार और शबीर अहमद गनई नामक ये दोनों ओजीडब्ल्यू स्थानीय युवाओं को आतंकवादी संगठनों में भर्ती करने और उन्हें रसद सहायता प्रदान करने में सक्रिय रूप से शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि उनकी हिरासत जिले में आतंकवादियों के समर्थन नेटवर्क को नष्ट करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हो गया है कि पुलिस और सुरक्षा बल आतंकवादियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।



