Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

NEET के बिना भी बन सकते हैं ‘डॉक्टर’, ये हैं Top 10 मेडिकल कोर्स…

अक्सर बायोलॉजी में रूचि रखने वाले स्टूडेंट्स 10वीं या 12वीं के बाद डॉक्टर बनना चाहते हैं. वे जानते हैं कि इसके लिए नीट क्रैक करना कितना जरूरी है. ‘डॉक्टर’ बनने के लिए केवल दो विकल्प हैं- पहला, नीट क्वालिफाई कर किसी अच्छे सरकारी मेडिकल कॉलेज में सीट लेना और दूसरा, किसी प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेना. हालांकि, कुछ स्टूडेंट्स उन मेडिकल कोर्सेज के बारे में जानना चाहते हैं, जिनमें एडमिशन लेने के लिए NEET की जरूरत नहीं होती.

ये कोर्स उन छात्रों के लिए बेहतरीन हैं, जो नीट क्वालिफाई नहीं कर पाते, लेकिन डॉक्टर बनना चाहते हैं. यदि आप नीट के बिना ‘डॉक्टर’ टैग चाहते हैं तो डॉक्टरेट ऑफ फार्मेसी कोर्स कर सकते हैं. यह 6 साल का कोर्स है, जिसमें 1 साल की क्लिनिकल इंटर्नशिप शामिल है. ध्यान रहे, अगर केमिस्ट्री पर आपकी पकड़ हो और इस विषय में गहरी रुचि हो तभी इस कोर्स के बारे में सोचें. इसके अलावा बीएचएमएस, बीएएमएस, बीयूएमएस जैसे कोर्स करने के बाद भी आप डॉक्टर बन सकते हैं.

इन Medical Courses के लिए NEET जरूरी नहीं –

Sr. no. कोर्स का नाम अवधि औसत वेतन (रुपये में)

1. बैचलर ऑफ साइंस इन बायोटेक्नोलॉजी 3 साल 5-8 लाख

Advertisment

2. बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी 4 से 5 साल 4-6 लाख

3. डिप्लोमा इन रिहैबिलिटेशन 2 साल 3-5 लाख

4. बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग 4 साल 4-7 लाख

5. बैचलर ऑफ साइंस इन कार्डियक 4 साल 6-7 लाख

6. बैचलर ऑफ साइंस इन माइक्रोबायोलॉजी 3 साल 3-5 लाख

See also  छत्तीसगढ़ को मिला पृथ्वी अवॉर्ड्स 2023: महिला स्व-सहायता समूहों और छत्तीसगढ़ वनोपज संघ को मिला ईएसजी के क्षेत्र में सम्मान...

7. बैचलर ऑफ रेस्पिरेटरी थेरेपी 4 साल 4-6 लाख

8. बैचलर इन साइकोलॉजी 3 साल 4-5 लाख

9. बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंसेज 5 साल 5-10 लाख

10. बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी 5 साल 4-6 लाख

कोर्स की डिटेल –
बैचलर ऑफ साइंस इन बायोटेक्नोलॉजी: यह मॉलिक्यूलर और अप्लाइड बायोकेमिस्ट्री पर आधारित कोर्स हैं. इन दिनों इस फील्ड में तेजी से विकास हो रहा है. बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी के बाद छात्रों के लिए रोजगार के अवसरों की कोई कमी नहीं है. फर्ग्युसन कॉलेज (पुणे), क्राइस्ट यूनिवर्सिटी (बैंगलोर) के अलावा दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया और रामजस कॉलेज से यह कोर्स किया जा सकता है.

बैचलर ऑफ ऑक्यूपेशनल थेरेपी: स्टूडेंट्स के बीच यह कोर्स बहुत लोकप्रिय है. ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट रोगी को शारीरिक या मानसिक बीमारी उबरने और उन्हें बेहतर जीवन जीने में मदद करते हैं. कोर्स के दौरान एनाटॉमी, फिजियोलॉजी, पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, फार्माकोलॉजी, जनरल मेडिसिन एंड सर्जरी, क्लिनिकल साइकोलॉजी और साइकियाट्री जैसे बेसिक मेडिसिन विषयों की पढ़ाई होती है. स्टूडेंट्स जामिया हमदर्द (नई दिल्ली), ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (मुंबई) और गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (दिल्ली) कोर्स कर सकते हैं.

डिप्लोमा इन रीहबिलिटेशन: तकनीकी तौर पर यह पैरामेडिकल कोर्स है, जिसका मुख्य उद्देश्य शारीरिक और मानसिक अक्षमताओं से पीड़ित लोगों के दैनिक जीवन में सुधार करना है. यह कोर्स दो से ढाई साल में पूरा होता है. रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (AIIPMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ (NIMH) कुछ चुनिंदा संस्थान हैं.

See also  मौत के बारे में रिसर्च कर लड़की ने अपने गले पर चलाई चाकू...

बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी इन बायोमेडिकल इंजीनियरिंग: इस कोर्स में मेडिसिन और इंजीनियरिंग दोनों पढ़ाई जाती है. इसका उद्देश्य मेडिकल फील्ड में इंजीनियरिंग को शामिल करके मानव स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है. कोर्स के बाद रोजगार के भरपूर अवसर मिलते हैं. एनआईटी (रायपुर, राउरकेला), बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मणिपाल, वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कोलकाता टॉप इंस्टिट्यूट हैं.

बैचलर ऑफ साइंस इन कार्डियक: इस मेडिकल साइंस कोर्स के दौरान इकोकार्डियोग्राफी, माइक्रोबायोलॉजी, लिम्फैटिक टिश्यू जैस कार्डियोवैस्कुलर बीमारियों और उनके इलाज के बारे में जानकारी दी जाती है. इस फील्ड के प्रोफेशनल डॉक्टरों की सहायता करते हैं. इस कोर्स के नीट की आवश्यकता नहीं है. जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (JIPMER), क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज और राजीव गांधी पैरामेडिकल इंस्टिट्यूट से कोर्स कर सकते हैं.

बैचलर ऑफ साइंस इन माइक्रोबायोलॉजी: माइक्रोबायोलॉजिस्ट रिसर्च लैब्स, फूड इंडस्ट्री, डिस्टिलरी, एग्रीकल्चर जैसे फील्ड में काम करते हैं. कोर्स के बाद सरकारी और प्राइवेट सेक्टर में जॉब किया जा सकता है. NIMS यूनिवर्सिटी, मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज, माउंट कार्मेल कॉलेज, एथिराज कॉलेज कुछ चुनिंदा संस्थान हैं.

बैचलर ऑफ रेस्पिरेटरी थेरेपी: रेस्पिरेटरी थेरेपिस्ट सांस की समस्या वाले मरीजों की देखभाल करते हैं. नौकरी के लिहाज से रेस्पिरेटरी केयर अच्छा करियर विकल्प है क्योंकि कोर्स करने के बाद उम्मीदवारों को सरकारी और प्राइवेट मेडिकल संस्थानों में आसानी से जॉब मिल जाती है. कुछ चुनिंदा संस्थान हैं: निम्स यूनिवर्सिटी (जयपुर), मणिपाल स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंस, जेएसएस यूनिवर्सिटी (मैसूर) और केएमसीएच इंस्टिट्यूट ऑफ एलाइड हेल्थ साइंस (कोयंबटूर).

See also  पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने हुआ एक्सीडेंट, इंजीनियर घायल...

बैचलर इन साइकोलॉजी: बीएससी इन साइकोलॉजी करने के बाद उम्मीदवारों को विभिन्न क्षेत्रों में आकर्षक करियर बनाने के मौके मिलते हैं. कोर्स के दौरान डेवलपमेंटल और सोशल साइकोलॉजी के अलावा रिसर्च मेथाडोलॉजी जैसे विषयों को पढ़ाया जाता है. स कोर्स के लिहाज से दिल्ली यूनिवर्सिटी, प्रेसीडेंसी कॉलेज, जामिया मिलिया इस्लामिया या निम्स यूनिवर्सिटी अच्छे संस्थान हैं.

बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंसेज: इंडियन वेटरिनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (कोलकाता), मद्रास वेटरिनरी कॉलेज (चेन्नई), खालसा कॉलेज ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंसेज (पंजाब), आनंद एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (गुजरात) और इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (बरेली) से इस कोर्स को कर सकते हैं. आजकल हमारे देश में वेटनरी डॉक्टरों की काफी कमी है. कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी हॉस्पिटल में डॉक्टर बन सकते हैं. इसके अलावा डेरी फॉर्म, एनिमल रिसर्च सेंटर और फार्मास्यूटिकल कंपनियों में नौकरी मिलती है.

बैचलर ऑफ आयुर्वेद मेडिसिन एंड सर्जरी: आजकल आयुर्वेदिक उपचार को काफी महत्व दिया जा रहा है. भारत में आयुर्वेदिक शिक्षा सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन द्वारा संचालित की जाती है. बीएएमएस डिग्री लेने के बाद उम्मीदवार भारत में कहीं भी प्रैक्टिस कर सकता है. आयुर्वेदिक एंड यूनानी तिबिया कॉलेज (दिल्ली यूनिवर्सिटी), राजकीय ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज (हरिद्वार), राजकीय गुरुकुल कांगड़ी आयुर्वेदिक कॉलेज (हरिद्वार), अलीगढ़ आयुर्वेदिक व यूनानी मेडिकल कॉलेज, आयुर्वेद कॉलेज (वाराणसी) और राजकीय आयुर्वेद कॉलेज (तिरुअनंतपुरम व कन्नूर) इस कोर्स के लिए फेमस हैं

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!