कनई गांव के शासकीय स्कूल में पदस्थ शिक्षिकाओं की मनमानी जारी, समय पर स्कूल नहीं पहुंचती शिक्षिकाएं, बच्चों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित…

जांजगीर-चाँपा। एक ओर पूरे छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव जारी है। चुनाव कराने की जवाबदारी शिक्षकों को दी गई है, जिसमें से महिला शिक्षकों की ड्यूटी नहीं लगाई गई है। जिले के अधिकतर स्कूल में पुरुष शिक्षक होने और उनकी चुनाव ड्यूटी लगे होने की वजह से स्कूलों में सन्नाटा पसरा हुआ है तो वहीं दूसरी ओर कई स्कूल ऐसे हैं, जिसमें महिला-पुरुष दोनों शिक्षक होने के बावजूद महिला शिक्षिकाएं अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए नजर आ रही हैं, जबकि चुनाव के कार्य से उन्हें मुक्त रखा गया है।
यह पूरा मामला जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत कनई का है, जहां के प्राथमिक और मिडिल स्कूल में नियुक्त शिक्षिकाएं समय को लेकर लापरवाह नजर आई। शनिवार के दिन स्कूल का समय सुबह 8.30 से था, जब मीडिया की टीम सुबह 9 बजे पहुंची तो प्राथमिक और मिडिल स्कूल के एक भी स्टॉफ़ नजर नहीं आये और बच्चे स्कूल के बाहर घूमते हुए नजर आए। देर से पहुंची शिक्षिकाएं अपनी गैर जिम्मेदाराना रवैये पर भी सफाई मारती दिखीं। बच्चों ने बताया कि स्कूल में शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे स्कूल के बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शौच लगने पर स्कूल से दूर बच्चों को तालाब में जाना पड़ता है, जबकि एक शौचालय है, जिसका उपयोग केवल शिक्षक-शिक्षिकाएं करते है। इधर, विलम्ब से स्कूल पहुंची शिक्षिकाओं का कहना है कि वे अपने निर्धारित समय पर स्कूल पहुंच जाती हैं। उनके द्वारा स्कूल आने में लापरवाही नहीं बरती जाती है, जबकि शनिवार को हकीकत इसके विपरीत नजर आया और स्कूल खुलने के निर्धारित समय पर शिक्षिकाएं अपनी ड्यूटी से नदारद मिली। बहरहाल, वार्षिक परीक्षा को लेकर अब बहुत कम समय ही शेष है, ऐसे में शिक्षकों की लापरवाही बच्चों के भविष्य पर भारी पड़ती नजर आ रही है, जिस पर जिला प्रशासन को त्वरित संज्ञान लेकर उचित कार्यवाही करने की आवश्यकता है।



