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छत्तीसगढ़ नंगा नाच के लिए राजधानी के सारे होटल तीन दिन बुक…

रायपुर। राजधानी के सारे बड़े होटल और क्लब में चलेगा जश्न के नाम पर नंगा नाच तीन दिनों के लिए राजधानी के सारे होटल बुक जसेरि रायपुर। बड़े होटलों के रसूख के आगे कानून कायदे भी घुटने टेक देता है। इसका प्रत्यक्ष प्रमाण ड्राई-डे.देखा जा सकता है। जहां सेलिब्रेशन के नाम पर खुलकर नंगा नाच सुबह से देर रात देखा जा सकता है।  वीआईपी रोड स्थिति कैफे, होटलों , क्लबों में पार्टी का आयोजन किया जाता है वह भी रात के 1:00 बजे तक पार्टी बिना किसी प्रशासन के डर के आयोजित कर रहे है। नशीले पदार्थ की सप्लाई का बेहतरीन तरीका वैसे तो सर्व विदित है कि रायपुर राजधानी नशे के सौदागरों का स्वर्ग है, जहां देश भर के नशीले पदार्थ के तस्कर होटलों और ढाबों को सुरक्षित ठिकानों के रूप में इस्तेमाल करते है और यही पर परोसा जाता नशीले पदार्थ जिसके तड़प में नशे के एडिक्ट युवा खींचे चले आते है। वीआईपी रोड में अवैध तरीके से टेक्नो पार्टी चलाया जा रहा है जो रायपुर शहर में लेट नाईट पार्टी को एक नया नाम देकर टेक्नो पार्टी के नाम से जाना जाता है। जहां पर नशे का सामान बेचा जाता था। नशे के सभी चीजे टेक्नो पार्टी में बेचने के लिए टेक्नो कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

वीआईपी रोड के शुरू से आखिरी तक सभी होटलों में यहां तक गली कूचों में बनाए गए होटल और कैफों में सिर्फ और सिर्फ नशा परोसा जा रहा है। औऱ भारतीय संस्कृति को बदनाम किया जा रहा है। होटल संचालक नशे का नंगा नाच कर रहे हैं। पहले बजरंगदल, विहिप औऱ अन्य. संगठन वाले इसका खुलकर विरोध करते थे, और संस्कृति का अपनाम करने वाले कामों को बंद करवाते थे, लेकिन अभी सभी संस्था इस दिशा में पूर्व की भांति काम नहीं करते नजर आ रहे हैं। वीआईपी रोड और पाश कालोनी स्थित होटलों कैफों और बारों में बार बालाओ को खुलकर नाच कराया जा रहा है। विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, हिन्दू वाहिनी सहित अनेक सामाजिक संगठनों के विरोध के चलते राजधानी में फूहड़ता में बंदिश तो लगा था। सामाजिक संगठनों मे कई सालों तक वेलेंनडाइन डे सहित होटलों में पार्टी के नाम पर चल रहे नंगा नाच का विरोध कई संगठनों ने धरना प्रदर्शन के चलते सख्ती से बंद हो गए थे। लेकिन कुछ दिनों पहले जरूर इन सब कामो को रोकने का प्रयास भी किये थे लेकिन अब उनका कोई अतापता नहीं ,जनता से रिश्ता लगातार नशे और नशे के सौदागरों के खिलाफ खबर प्रकाशित कर शासन-प्रशासन को आगाह करते रहता है। पुलिस प्रशासन खबरों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई भी कर रहती है, पर वो भी अब रंगीनियत के जद में आ चुके है एसा लगता है। इसलिए मौन स्वीकृति दे दिया है। इसके साथ ही नशे के सौदागरों के हौसले इतने बुलंद है कि वो सेलिब्रेशन पार्टी के नाम पर नए -नए नाम से शराब के साथ नशे का समान परोसने का इंतजाम कर लेते है। राजधानी में वीआईपी रोड का नाम सुनते ही कान खड़े हो जाते है। यह रोड सनातनी संस्कृति की खुले आम धज्जियां उड़ाने वाले रोड के नाम से बदनाम हो चुका है। नशे में झूमते युवक-युवतियों का हुड़दंग मचाते इस रोड पर नजर आना आम बात है। राजधानी के बड़े होटलों सहित तथाकथित संभ्रात नागिरकों के क्लबों और फार्महाऊसों में इस तरह के आयोजन के नाम पर करोड़ों की कमाई कर रहे है। मजेदार मामला यह है कि दूसरे राज्यों की बार बालाओ्ं को दो घंटे के डांस के नाम पर रात भर नचाया जा रहा है। एक भुक्तभोगी बार डांसर ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि प्लेन से बुलाकर यहां जमीन पर सुला देते है। जब तक आयोजक पूरा भुगतान नहीं करता तब तक नाचना पड़ता है। बार बालाओ्ं को मामूली कीमत पर बार डांसर को लाते है और उसके नजाकत के नाम पर न्योछावर का पूरी पैसा होटल मालिक और आयोजक जब्त कर लेते हैं, मुंबई और बड़े शहरों से एक या दो दिन के लिए बार बालाओं को बुलाया जाता है और उनको ग्राहक मिलने पर कई हफ्ते भर यहाँ रोक कर रखा जाता हैं। जहाँ युवाओं को नशा और सेक्स के नाम पर जमकर लूटा जाता है। और समाज में इश अपसंस्कृति का जहर घोला जा रहा है। वैश्यावृत्ति को जाने क्या -क्या नाम देकर सेलिब्रेशन इन इनजाय कहकर युवाओं को छत्तीसगढ़ की संस्कृति से खुले आम खिलवाड़ करते नजर आ रहे हैं पर प्रशासन को कुछ दिखाई ही नहीं दे रहा है। होटल, क्लब और कैफे संचालक रात भर नोट गिनने में मशगूल है।

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पार्टी की अनुमति होने के कारण पुलिस विभाग सीधे हस्तक्षेप करने में बेबस, मारपीट के अलावा और कोई कारण नहीं कि कानून व्यवस्था बनाने होटल के अंदर नहीं जा सकती है। बाकी बाहर खड़ी पुलिस को तमाशबीन बन लगातार पार्टी में हो रहे नंगा नाच का तमाशा देखते रहती है। वहीं शासन-प्रशासन की आंख में धूल झोंककर शराब पिलाने के दो घंटे के लाइसेंस में रात भर शराब सहित जाने कौन -कौन से नशीले पदार्थो की सप्लाई कर रात भर नोट बटोरते रहती है। युवा के साथ पुलिस और आबकारी विभाग के अधिकारी से लेकर सिपाही तक गलातर करने में चूकते नहीं है। वहीं जिन्म्मेदार विभाग सेलिब्रशन के नाम पर दो घंटे शराब पिलाने का लाइसेसं देकर अपने कर्तव्य का इतिश्री कर लेती है। पार्टी कानून कायदे नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। शराब की आड़ में नशे के शोकीनों को उनके मनपसंद नशीले पदार्थ देकर मनमाना दाम लेकर पैसा वसूला जाता है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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