Cyber Crime : अरे ! दामाद जी तो फर्जी है…ससुराल में दामाद की ठगी की पोल खुली, पढ़िए क्या किया था…
Cyber Crime : अरे ! दामाद जी तो फर्जी है…ससुराल में दामाद की ठगी की पोल खुली, पढ़िए क्या किया था।

Cyber Crime : ससुराल में दामाद की खातिरदारी हो रही थी, क्योंकि वह काफी दिन के बाद पत्नी के मायके आया था। लेकिन इस बार दामाद ने ससुराल में कुछ ऐसा किया कि पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ससुराल में ही दस्तक दे दी। पुलिस ने जब दामाद को गिरफ्तार किया तो ससुराल वाले भी चौंक गए। जब पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, तो यह खुलासा हुआ कि दामाद द्वारा लैपटॉप और कई मोबाइल फोन का तामझाम दिखाने वाले दामाद बाबू असल में साइबर ठगी के अपराधी थे।
Cyber Crime : अरे ! दामाद जी तो फर्जी है…ससुराल में दामाद की ठगी की पोल खुली, पढ़िए क्या किया था
यह मामला जामताड़ा का है, जहां साइबर थाना पुलिस ने सूचना मिलने पर करमाटांड़ थाना क्षेत्र के सिंदरजोड़ी और नावाडीह गांव में छापामारी की। इस छापामारी में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। एक आरोपी ताहिर अंसारी, जो मसलिया थाना, दुमका का निवासी है, अपने ससुराल में आकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था।
दूसरे आरोपी का नाम मुजाहिद अंसारी है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 16 मोबाइल फोन, 28 सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया है। ये आरोपी सर्च इंजन में ई-कॉमर्स कंपनियों के कस्टमर केयर नंबरों पर अपना फर्जी नंबर डालकर उपभोक्ताओं से उनके बैंक विवरण हासिल कर ठगी करते थे। इसके बाद वे छोटे से ऑनलाइन भुगतान के जरिए बैंक की गोपनीय जानकारी प्राप्त कर खाते से पैसे निकाल लेते थे।
पुलिस की पूछताछ में यह भी पता चला कि आरोपियों ने अब तक लाखों रुपये की ठगी की थी। आरोपियों से जब्त किए गए सिम कार्ड विभिन्न राज्यों से हैं, जिनकी जांच की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि ताहिर अंसारी ससुराल में आकर साइबर अपराध को अंजाम दे रहा था और उसके पास ओडिशा का सिम कार्ड भी मिला था। आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना में बीएनएस और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जामताड़ा जेल भेज दिया गया है। पुलिस आगे की जांच और कार्रवाई में जुटी हुई है।



