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छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

शिकार के दौरान संघर्ष से चोटिल बाद बीमार होने की वजह बनी बाघ की मौत, जहरखुरानी महज कयास…

अजीत पाटकर

बैकुंठपुर-कोरिया। कोरिया वन मंडल अंतर्गत सोनहत सामान्य वन परिक्षेत्र के गरनई बीट में 8 नवंबर को मिले मृत बाघ के मौत के रहस्यों से लगभग पर्दा उठ चुका है। कई वजह सामने आए जिनके बिना पर जहरखुरानी की संभावना गलत साबित होती दिख रही है । मौत से पहले बाघ ने नहीं किया था शिकार। बाघ के शुरुआती पोस्ट मार्टम में बाघ के पेट में नहीं मिले शिकार के अवशेष । मौत के दौरान भूखा था बाघ। 25 किलो मीटर के वनों का चप्पा चप्पा छानने के बाद भी नहीं मिला बाघ द्वारा किया गया संभावित शिकार। पोस्ट मार्टम में बाघ की तीन पसलियां मिली थी टूटी। बिना किसी हलचल व पशुहानी के बीच बाघ की आमद की वजह से विभाग को नहीं मिली बाघ की सही लोकेशन। अवगत करा दें की मृत बाघ के शव मिलने से जताई जा रहीं तमाम प्रकार की संभावनाओं के बीच प्राप्त सूत्रों से यह बात भी सामने आई की मृत बाघ के अंगों से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई थी साथ ही बाघ के अंतिम संस्कार के वक्त सारे अंग सुरक्षित थे जिसके बाद बाघ के अंगों के अंगों की तस्करी का संदेह भी समाप्त दिखा। और जिन पहलुओं के मद्देनजर कह सकते हैं की बाघ की मौत की वजह जहर खुरानी नहीं है। सूत्रों के आधार पर कहा जा सकता है की बाघ की मौत बीमार होने की वजह से हुई है। बहरहाल मृत बाघ का बिसरा जांच की प्रक्रिया में है। और बाघ की मौत के वास्तविक कारणों का पता अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पता चल सकेगा। बाघ की निगरानी में चूक मानते हुए वन विभाग के आला अधिकारी ने दो वन कर्मियों को निलंबित किया है। बाघ के मौत के कारणों को तलाशने में पार्क प्रबंधन सहित कोरिया वन मंडल के अफसर अभी भी लगातार प्रयासरत है। कोरिया वन मंडल अंतर्गत बाघ के मौत मामले में माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन से लिखित तौर पर सवाल जवाब तलब किया है। जिसे एक अच्छी पहल तो माना ही जा रहा है साथ ही न्यायालय की सीधी दखल से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई को बल मिलेगा ऐसी चर्चा है।

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दूसरे बाघ को नुकसान पहुंचाने करंट प्रवाहित बिछाए गए कटीले तारो को वन विभाग ने किया जप्त

कोरिया वन मंडल द्वारा दूसरे बाघ की लगातार निगरानी जारी है। इसी के बीच पटना क्षेत्र में आबादी के निकट वनों में विचरण कर रहे दूसरे बाघ हानि पहुंचाने की नियत से टेमरी गांव की सीमा क्षेत्र में बड़े पैमाने पर करंट प्रवाहित कटीले तारो को अज्ञात लोगों के द्वारा बिछाया गया था जिसे कोरिया वन मंडल की टीम ने रात करीब 11 बजे बिजली बंद करवाकर तारो को जप्त किया।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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