Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.56.31 (1)
WhatsApp Image 2026-06-25 at 17.55.51 (1)
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

रेरा द्वारा बिल्डर ए. के. एस. इंन्फॉटेक को 75.26 लाख रूपए जमा करने के आदेश, ए.के.एस. स्मार्ट सिटी में स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाने के कारण दिया गया आदेश…

रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) द्वारा रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता तथा उपभोक्ताओं हितों की रक्षा और विवादो के शीघ्र निपटान के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसी तारतम्य में रेरा प्राधिकरण द्वारा ए.के.एस. स्मार्ट सिटी ग्राम पाहंदा जिला-दुर्ग के रहवासियों और आबंटितियों के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय करते हुए संप्रर्वतक-बिल्डर ए. के. एस. इंन्फॉटेक को अपने प्रोजेक्ट के प्रचार-प्रसार विक्रय के लिए तैयार किये गये ब्रोशर विवरण अनुसार स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाने के कारण रहवासियों के सोसायटी के पक्ष में स्वीमिंग पुल की लागत 25 लाख 17 हजार 400 रूपये तथा क्लब हाउस की लागत 50 लाख 09 हजार कुल 75 लाख 26 हजार 400 रूपये 45 दिन के भीतर फिक्स डिपॉजिट करने का आदेश पारित किया गया है।

See also  सभापति राजकुमार साहू ने समस्त प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी दी बधाई...

अनिता देवी, स्वाति केसरी और शशिकांत भुआल सभी निवासी ए.के.एस. स्मार्ट सिटी पाहंदा ने छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) के समक्ष अधिनियम की धारा 31 के अंतर्गत मई 2024 में शिकायत प्रस्तुत किया कि उनके द्वारा ए.के.एस. स्मार्ट सिटी में वर्ष 2019 में प्लॉट क्रय किया गया था जिसमें बिल्डर द्वारा मूलभूत सुविधा जिसमें स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस भी है की सुविधा प्रदान करने का उल्लेख किया गया था। बिल्डर द्वारा प्रोजेक्ट में विकास कार्य करते हुए अनुविभागीय अधिकारी पाटन से दिनांक 07.08.2020 को पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त किया गया परन्तु उनके द्वारा अपने ब्रोशर अनुसार कॉलोनी में स्वीमिंग पुल और क्लब हाउस नहीं बनाया गया है।

See also  धान खरीदी की उलटी गिनती में बड़ा झटका भौतिक सत्यापन में हजारों बोरी धान गायब, निगरानी तंत्र ध्वस्त, कार्रवाई का ठीकरा सिर्फ समितियों पर, जिम्मेदार अफसरों पर चुप्पी क्यों?

रेरा प्राधिकरण द्वारा इस शिकायत को गंभीरता पूर्वक लेते हुए चार माह के भीतर सुनवाई कर आदेश पारित किया गया जिसमें रहवासी सोसायटी के पक्ष में कुल 75,26,400 रूपये जमा करने हेतु बिल्डर को निर्देशित किया गया है। छत्तीसगढ़ में रेरा प्राधिकरण के गठन के उपरांत रियल एस्टेट सेक्टर में आंबटितियों और प्रमोटरों के शिकायतों का तत्परता पूर्वक निराकरण के प्रयास किये जा रहे है तथा विवाद शीघ्रता पूर्वक निपटाये जा रहें है। अब तक कुल 2370 प्रकरणों का निराकरण रेरा प्राधिकरण के द्वारा किया जा चुका है।

आम नागरिकों को कोई भी भूमि अथवा घर रेरा रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट में ही खरीदना चाहिए जिससे की उनके हितों की रक्षा हो सके। घर या प्लॉट खरीदने से पहले केताओं को छ.ग. रेरा की वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in/ का अवलोकन अवश्य करना चाहिए वहां सभी रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट की जानकारी निःशुल्क उपलब्ध है।

Advertisment

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!