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जमीन किसी और का, मालिक बता रहा कोई और राखड़ गिराया जा रहा कही और… सवालों के घेरे में अमलीडीह के सरपंच- सचिव …

जमीन किसी और का, मालिक बता रहा कोई और राखड़ गिराया जा रहा कही और…..
सवालों के घेरे में अमलीडीह के सरपंच – सचिव
मालखरौदा। जनपद पंचायत मालखरौदा के ग्राम पंचायत अमलीडीह में राखड डंपिंग की जा रही है जिसमें अब मामला पूरी तरह घूम गया है क्योंकि आपको बता दें की जमीन मालिक का नाम अनिल गोंड बताया गया जिसे से जीवन चंद्रा जो ग्राम पंचायत भड़ोरा का पूर्व सरपंच प्रतिनिधि है उसे खुद का जमीन बता रहे हैं जिसके बाद उसमें जीवन चंद्रा द्वारा उक्त जमीन में राखड डंपिंग किया जा रहा है, बड़ी बात तो यह है कि जो राखड डंपिंग की जा रही है वह आधे से ज्यादा सरकारी जमीन पर राखड की डंपिंग की जा रही है पर इस ओर ध्यान देने वाला कोई नहीं है विभागीय अधिकारी द्वारा मामले में ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिस में ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव करके ग्राम पंचायत के सरपंच सचिव भी मामले में फंसते नजर आ रहे हैं क्योंकि यह जानकारी सबको है कि सरकारी जमीन में राखड डंपिंग की जा रही है लेकिन ना तो ग्राम पंचायत के सरपंच इसमें कुछ बोल रहे हैं ना ही कोई जनप्रतिनिधि…
जीवन चंद्रा पूर्व सरपंच प्रतिनिधि भड़ोरा द्वारा बताया जा रहा है जमीन को खुद का, आखिर क्या है मामला
ग्राम पंचायत अमलीडीह में नदी के किनारे सरकारी जमीन में राखड डंपिंग की जा रही है जोकि ग्राम पंचायत द्वारा प्रस्ताव करके एक निजी जमीन मालिक को एनओसी दिया गया है लेकिन उसे भड़ोरा के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि जीवन चंद्रा खुद का जमीन बता रहा हैं और वहां पर राखड़ की डंपिंग करा रहा हैं जो कि एक हैरान कर देने वाली बात है किसी दूसरे की जमीन को खुद का बताना उसके बावजूद भी सरकारी जमीन में राखड़ की डंपिंग करवा रहा हैं उसको भी अपना ही जमीन बता रहा हैं इसे क्या कहेंगे क्या यह दबंगई है या दादागिरी जो सरकारी जमीन सहित दूसरे के जमीन को भी अपना बता रहा हैं हालाकि मामले के जांच के बाद पूरा राज का खुलासा होगा।
ग्राम पंचायत सचिव शत्रुघन साहू का बयान सवालों के घेरे में
ग्राम पंचायत अमलीडीह के सचिव शत्रुघन साहू ने बताया कि एक निजी जमीन के मालिक को पर्यावरण विभाग के द्वारा एनओसी दिया गया है साथ ही ग्राम पंचायत में भी प्रस्ताव कर उसे लेटर जारी किया गया है बता दें कि यह प्रस्ताव ग्राम के ही निवासी अनिल पिता दरोगा के नाम पर का नाम पर जारी है जिसका खसरा नंबर 559 है । मगर वही पंचायत के सरकारी जमीन में खुलेआम लाखो टन अवैध राखड़ गिराया जा रहा है उसका शिकायत आखिर ग्राम के जिम्मेदार सरपंच सचिव द्वारा उच्च अधिकारियों को क्यों नहीं किया गया है, इससे इनके कार्य शैली पर सवाले निशान पैदा हो रहा है।



