मुख्यमंत्री निवास के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगा युवक… शिकायत के नौ माह बाद भी कार्रवाई नही होने से नाराज होकर दि आमरण अनशन के चेतावनी…

मुख्यमंत्री निवास के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगा युवक
शिकायत के नौ माह बाद भी कार्रवाई नही होने से नाराज होकर दि आमरण अनशन के चेतावनी
जांजगीर-चांपा। जिले के ग्राम पंचायत बम्हनीडीह सरपंच के द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर तीन काम्प्लेक्स निर्माण कार्य करने की सिकायत मुख्यमंत्री सहित जिले के कलेक्टर एसडीएम तक की गई थी। पर शिकायत के नौ माह बाद भी सरपंच के खिलाफ आज तक किसी तरह की कोई कार्यवाई नही होने से शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री निवास के सामने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन करने की सूचना जिले के कलेक्टर, एसपी सहित मुख्यमंत्री को इसकी सूचना दे दी है। युवक ने मुख्यमंत्री निवास के सामने 26 अप्रैल से अनशन पर बैठने की बात कही है युवक का कहना है कि उसके द्वारा अगस्त 2022 मे बम्हनीडीह सरपंच द्वारा शासकीय भूमि पर कब्जा कर तीन काम्प्लेक्स निर्माण कार्य कराया गया है जिसके लिए शासन ने न तो कोई शासकीय स्वीकृति दी है न ही कोई अनुमति दी है उसके बाद भी सरपंच अपनी मनमानी करते हुए पुराने बीईओ आफिस की सरकारी जमीन पर जबरन कब्जा कर तीन नग काम्प्लेक्स का निर्माण कार्य करा दिया है जिसकी लिखित सिकायत जिले के जिम्मेदार अधिकारी कलेक्टर को 02/08/2022 को किया था पर कोई कार्यवाही न होने पर शिकायत कर्ता ने मुख्यमंत्री बिलासपुर कमिश्नर सहित कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम, तहसीलदार को भी शिकायत किया गया पर 9 माह बाद भी सरपंच के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं किया जा सका। आमरण अनशन की सूचना शिकायतकर्ता ने कलेक्टर पुलिस अधीक्षक , एसडीएम तहसीलदार बम्हनीडीह, पुलिस थाना बम्हनीडीह को दे दी है।
मुख्यमंत्री निवास के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगे
शिकायतकर्ता ने बताया की बम्हनीडीह सरपंच के खिलाफ शिकायत को कई महीने गुजर चुके है पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई जिससे साफ पता चलता है कि सरकारी विभागों से भी सरपंच को संरक्षण दिया जा रहा है। सरकार के कछुवे चाल से चल रहे काम को देखते हुए युवक ने नाराजगी जताई है और अपनी मांगों को लेकर अब वह मुख्यमंत्री निवास के सामने 26 अप्रैल से आमरण अनशन पर बैठेंगे ।
शिकायत कर्ता का आरोप राजस्व विभाग के अधिकारी दबा रहे मामले को
शिकायत कर्ता का आरोप है की राजस्व विभाग द्वारा सरपंच को संरक्षण दिया जा रहा है जिसके चलते आज तक सरपंच के खिलाफ जांच तक नही कर सके है। ऐसा लग रहा है की राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी सरपंच से मोटी रकम लेकर मामले को दबाने में लगे हुए हैं। युवक का कहना है की उसके द्वारा अनेक बार चाम्पा अनुविभागीय अधिकारी से बात कर सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करने को निवेदन किया गया पर उनके द्वारा आज कल करते हुए मामले को दबाया जा रहा है।
शिकायत कर्ता की दो प्रमुख मांगे
पहला, बम्हनीडीह सरपंच द्वारा बिना शासन के स्वीकृति एवं अनुमति के बनाए गए तीनो व्यवसायिक परिसरों को तोड़ा जाए ।
दूसरा, संवैधानिक पद पर रहते हुए सरपंच के द्वारा व्यक्तिगत लाभ के लिए बेजा कब्जा कर बिना प्रशासनिक स्वीकृति के दुकान निर्माण कर बेचने के लिए निम्नानुसार कानूनी कार्यवाही की जाए ।
वर्जन
शासकीय जमीन पर कब्जा करने पर भी शासन द्वारा सरपंच को इतना संरक्षण मिलेगा यह सोचने वाली बात है। इतनी शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई, अगर 26 अप्रैल तक मेरी मांग पूरी नहीं हुई तो मुख्यमंत्री के निवास सामने अनिश्चितकाल आमरण अनशन बैठूंगा।
आकाश वैष्णव
शिकायतकर्ता
वर्जन
तहसीलदार, सीईओ को रिपोर्ट के लिए बोला गया है आने के बाद देखते है।
आराध्या राहुल कुमार
एस डी एम चाम्पा



