छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
आस्था ज्वेलर्स के संचालक ने शासकीय व निजी भूमि पर अनाधिकृत तरीके से कराया सड़क निर्माण, जिला मुख्यालय जांजगीर के कलेक्टोरेट मार्ग में भू-माफियाओं की मनमानी…

जांजगीर-चांपा। जिला मुख्यालय जांजगीर के कलेक्टोरेट मार्ग में भू-माफियाओं की मनमानी लगातार जारी है। इसके बावजूद कलेक्टर सहित आलाधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। ताजा मामला इसी मार्ग पर ही अवस्थित शासकीय एवं निजी भूमि पर अवैध तरीके से सड़क निर्माण का है, जिसकी शिकायत कलेक्टर तक पहुंच चुकी है।
विष्णु मंदिर के पीछे जांजगीर निवासी जयप्रकाश लदेर पिता स्व. बालकराम लदेर ने अपनी शिकायत में कहा है कि पटवारी हल्का नंबर 10 जांजगीर में भू-स्वामी हक की भूमि उसके एवं सह खातेदारों के नाम पर खसरा नबर 4276/1, रकबा 0.35 एकड़ राजस्व अभिलेख में अवस्थित है। उक्त भूमि से कलेक्टोरेट रोड निकलने के कारण रोड के दोनों ओर उसकी भूमि दो भागों में विभाजित हो गई है। वहीं उसकी दोनों ओर की भूमि के आसपास शासकीय भूमि भी अवस्थित है। कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत अपनी शिकायत में जयप्रकाश लदेर ने आगे कहा है कि उसकी भूमि से लगी हुई भूमि आस्था ज्वेलर्स के संचालक काशी प्रसाद सोनी की है, जिस पर उनके द्वारा मकान निर्माण कराकर सराफा दुकान संचालित किया जा रहा है। आरोप है कि आस्था ज्वेलर्स के संचालक काशी प्रसाद सोनी द्वारा शासकीय भूमि एवं जयप्रकाश लदेर एवं उसके परिजनों के हक की भूमि पर अनाधिकृत रूप से बिना जानकारी के 20 फीट चैड़ी एवं 100 फीट लंबी पक्की सड़क का निर्माण कराकर उसका उपयोग किया जा रहा है। आरोप यह भी है कि काशी प्रसाद सोनी द्वारा अवैधानिक रूप से रास्ता निर्माण करने से शिकायतकर्ता जयप्रकाश लदेर एवं राज्य शासन को क्षति हुई है। वहीं काशी प्रसाद सोनी को रास्ता बंद करने के लिए कहे जाने पर उनके द्वारा रास्ता बंद नहीं करने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता जयप्रकाश लदेर ने कलेक्टर से इस मामले में उचित कार्यवाही की मांग की है।
अवैध प्लाटिंग करने मलबा डाल बना दिया रास्ता
बता दें कि जांजगीर निवासी जयप्रकाश लदेर एवं बालकराम लदेर ने कुछ दिनों पहले भी कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके हक की भूमि मौजा जांजगीर प.ह.नं. 10, रा.नि.मं. व तहसील जांजगीर के कलेक्टोरेट मुख्य मार्ग पर खसरा नम्बर 4276/1, रकबा 0.35 एकड़ है। उनकी भूमि के पीछे अवस्थित भूमि में अवैध प्लाटिंग करने के लिए जमीन दलालों द्वारा उनकी सहमति के बिना मलबा डालकर रास्ता बनाया दिया गया है, जिसकी जानकारी उन्हें हुई, तब मौके में जाकर देखे तो जमीन पर मलबा पाटकर सड़क बनाया जा चुका था, तब उनके द्वारा पता करने पर पता चला कि वह सड़क जमीन दलाल केशव कहरा एवं प्रदीप गढ़ेवाल (मोनू) द्वारा बनाया गया है। जब उनको फोन करके कहा गया कि आप हमारी निजी भूमि पर हमारी सहमति के बिना कैसे सड़क बनवा दिए, तो उन जमीन दलालों द्वारा कहा गया कि पीछे की जमीन हम लोगों ने खरीदी है, जिसमेें जाने के लिए सड़क बनवाई गई है। अगर आपके जमीन में मलबा होगा तो उसे जेसीबी बुलवा कर हटवा दिया जाएगा।
ग्रीन जोन को उजाड़ने में लगे हुए हैं भू-माफिया
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, जमीन दलालों से हुई बातचीत के दो दिन बाद मौके पर जब हम गए तो वह मलबा जैसा-तैसा ही था, तब हमने उन जमीन दलालों को पुनः फोन करके मलबा हटवाने की बात कही, तब उन्होंने मलबा हटवाने से साफ इंकार कर दिया और कहा कि जहां शिकायत करनी है, कर दो। जबकि, उनकी उक्त जमीन के सामने के पूरे हिस्से को ग्रीन जोन घोषित किया गया है, जिसमें अर्जुन, नीम, गुलमोहर जैसे अनेक पेड़ लगे हैं, जिसे सुरक्षा की दृष्टि से शासन द्वारा खम्बे और तार से घेरा किया गया है। उनमें से कई पेड़ों को जमीन दलालों ने सड़क बनाने के लिए कटाई कराकर उसके ऊपर मलबा डाल दिया है और अब दादागीरी की जा रही है। इस मामले में भी जिला प्रशासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है



