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Inside Story : क्या आप जानते है? हनुमान जी ही नहीं ये 7 चिरंजीवी भी है धरती पर मौजूद, जिन्हें मिला था अमर होने का वरदान…

नई दिल्ली। Inside Story : हिंदू धर्म और पौराणिक कथाओं के अनुसार, पृथ्वी पर भगवान हनुमान के अतिरिक्त सात और चिरंजीवी व्यक्ति हैं, जिन्हें अमर होने का वरदान प्राप्त है। इन्हें विशेष रूप से शाप या वरदान के रूप में अमरता मिली है, और इनका अस्तित्व आज भी पृथ्वी पर माना जाता है। हनुमान का जन्मोत्सव हर साल चैत्र शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है, और माना जाता है कि हनुमान आज भी पृथ्वी पर सशरीर मौजूद हैं। हनुमान के अलावा जिन अन्य चिरंजीवियों का उल्लेख पौराणिक कथाओं में किया गया है, जिनके बारे में आज हम जानने वाले हैं।

Inside Story : 1. अश्वत्थामा
अश्वत्थामा, गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र थे और महाभारत के युद्ध में कौरवों के सेनापति थे। युद्ध के दौरान ब्रह्मास्त्र का उपयोग करने पर भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें शाप दिया कि वे अनंत काल तक पृथ्वी पर भटकते रहेंगे। इस कारण वे चिरंजीवी माने जाते हैं।

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2. कृपाचार्य
कृपाचार्य, महाभारत के समय कौरवों और पांडवों दोनों के गुरु थे। उनका जीवन सदा धर्म के मार्ग पर चला, और उन्होंने कई अच्छे कार्य किए। पांडवों और कौरवों के बीच संधि कराने का प्रयास करने के कारण उन्हें अमर होने का वरदान प्राप्त हुआ।

Inside Story : 3. परशुराम
परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाते हैं। उनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया को हुआ था, जिसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। परशुराम को अमरत्व का वरदान मिला, और वे त्रेतायुग में भी उपस्थित रहे थे। वे धरती पर अजेय शूरवीर और तपस्वी के रूप में प्रसिद्ध हैं।

4. ऋषि मार्कण्डेय
ऋषि मार्कण्डेय महादेव के परम भक्त थे। जब उनके जीवन का अंत निकट आया, तो उन्होंने भगवान शिव से अमरता का वरदान मांगा, और महादेव ने उन्हें सदा के लिए अमर रहने का वरदान दिया।

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Inside Story : 5. वेद व्यास
महर्षि वेद व्यास ने श्रीमद्भागवद गीता और महाभारत जैसे महान ग्रंथों की रचना की थी। वेद व्यास का विश्वास था कि वे कलिकाल के अंत तक जीवित रहेंगे और वे कल्कि अवतार के साथ आकर नए युग का आरंभ करेंगे। उनका योगदान भारतीय साहित्य और धार्मिक विचारधारा में अमूल्य है।

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6. विभीषण
विभीषण, रावण के छोटे भाई थे। जब उन्होंने रावण के अत्याचारों का विरोध किया और श्रीराम के पक्ष में आ गए, तो उन्हें प्रभु श्रीराम ने अमर होने का वरदान दिया। विभीषण को लंका का राजा भी बनाया गया, और वे आज भी जीवित माने जाते हैं।

Inside Story : 7. राजा बलि
राजा बलि का नाम भी चिरंजीवियों में शामिल है। जब भगवान विष्णु ने उनका तीन पग में सारा स्वर्ग और पृथ्वी नाप लिया, तो बलि ने स्वेच्छा से पाताल लोक जाने का निर्णय लिया। विष्णु ने उन्हें पाताल में राजा बना दिया और अमर रहने का वरदान दिया। कहते हैं कि पाताल लोक में आज भी राजा बलि का शासन है।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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