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चरौंदी सरपंच पति के नाम कर दिया 16 लाख 34 हजार 206 रुपए का भुगतान, जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत चरौंदी का मामला, तीन साल में पांच सचिव का तबादला अतिरिक्त सचिव के भरोसे चल रहा पंचायत….

चरौंदी सरपंच पति के नाम कर दिया 16 लाख 34 हजार 206 रुपए का भुगतान
 
जनपद पंचायत मालखरौदा अंतर्गत ग्राम पंचायत चरौंदी का मामला
 
तीन साल में पांच सचिव का तबादला
अतिरिक्त सचिव के भरोसे चल रहा पंचायत
 
मालखरौदा। शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को पंच परमेश्वर योजना तथा 14 वें एवं 15 वें वित्त की राशि आवश्यक निर्माण कार्यों के लिए जनसंख्या के आधार पर ग्राम पंचायतों को प्राप्त होती है। जिसके तहत प्रति वर्ष लाखों रुपए का बजट ग्राम पंचायत, सचिव तथा सरपंच को ईपीओं करने का अधिकार है साथ ही शासन की राशि को ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यों तथा आवश्यक कार्यों में खर्च करने की जिम्मेदारी भी है।
अनेक ग्राम पंचायतों में सरपंच, सचिवों ने उक्त राशि का उपयोग फर्जी बिल बाउचर बनाकर फर्मों के नाम कागजों में कर लिया जाता है। पूर्व में उक्त राशि खर्च करने के लिए जनपद पंचायतों का हस्ताक्षेप रहता था तथा जनपद पंचायत से उपयंत्री के माध्यम से पर्ची जारी होती थी, लेकिन विगत एक वर्ष से जिला कलेक्टर द्वारा उक्त राशि खर्च करने के अधिकार पंचायत के सरपंच, सचिवों को दे दिए जाने के कारण कुछ सरपंच-सचिवों द्वारा फर्जी बिल बाउचर बनाकर फर्जी फर्मों के नाम भुगतान कर स्वयं बंदरबांट कर लेने के आरटीआई के तहत मिली हैं।
महिला सरंपच ग्राम पंचायत चरौंदी
इसी प्रकार का मामला मालखरौदा जनपद पंचायत अन्तर्गत ग्राम पंचायत चरौंदी का प्रकाश में आया है। जहां पर पदस्थ ग्राम पंचायत सचिव ने महिला सरपंच का भरपूर फायदा उठाते हुए सरपंच पति की मिली भगत से ग्राम पंचायत में सरपंच पति के नाम पर 14 वें वित्त मूलभूत 15 वें वित्त की राशि लगभग 16 लाख 34 हजार 206 रुपए चेक जारी कर राशि बैंक से आहरण कर लिया गया है। ग्राम पंचायत विकास के लिए प्राप्त हुई थी जिसको मनमाने ढंग से खर्च कर डाली तथा बिना जीएसटी की बिल बाउचर लगाकर शासकीय राशि को बन्दर बाट कर ठिकाने लगाने के आरोप लग रहे हैं। उक्त राशि सरपंच पति के फर्म राजेन्द्र कुमार धिरहे के नाम विभिन्न सामग्री खरीदी दर्शाकर  सरपंच पति के पंचायत राज अधिनियम के तहत सरपंच अपने नाते रिश्ते के नाम पर चेक जारी नही कर सकता। लेकिन हद तो तब हो गई जब सूचना के अधिकार से जानकारी के अनुसार बिना जीएसटी बिल के लाखों रुपये सरपंच पति के नाम पर प्रशासन के जिम्मेदार सचिव ने चेक जारी कर दिया उक्त फर्म से जो कार्य की राशि जारी किए गए तथा अलग -अलग दिन को राशि भुगतान की गई वह इस प्रकार है।
सत्र 2020 में सरपंच पति के नाम पर चेक जारी
मुरुम पटाई के नाम पर 18 जुलाई 20  को 6 हजार,सीमेंट रेती गिट्टी 29 अक्टूबर 20 को 1 लाख रुपए,सीमेंट ईंट रेती गिट्टी छड़ 26 मार्च 20 को 1 लाख 8 हजार रुपए,सीमेंट रेती गिट्टी 26 मार्च 20 को 1 लाख रुपए,का सीमेंट रेती गिट्टी सेंटरिंग प्लेट कुल 5 लाख 5 हजार छह सौ रुपए।
सत्र 2021 में सरपंच पति के नाम पर चेक जारी
सीमेंट रेता गिट्टी ईंट छड़ सेंटरिंग प्लेट  20 मई 21 को 2 लाख 77 हजार रुपए,टेपनल सामग्री क्रय पाइप सिंटेक्स पूरा सेट क्रय 8 मार्च 21 को 1 लाख रुपए,मुरुम पटाई कार्य पँचायत भवन परिसर,गौठान परिसर अंदर 3 दिसम्बर 21 को 14600 हजार रुपएका कुल 3 लाख 91 हजार 600 सौ रुपये।
सत्र 2022 में सरपंच पति के नाम पर चेक जारी
सीमेंट ईंट गिट्टी रेता छड़ 10 सितम्बर 22 को 1 लाख 43 हजार, सीमेंट रेता गिट्टी 30 सितम्बर 22 को 1 लाख 6 हजार, मुख्यमंत्री कार्यक्रम एवं खाद्य सामग्री 19 सितम्बर 22 को 50 हजार,स्ट्रीट लाइट क्रय के लिए 17 नवम्बर 22 को  3 लाख 20  एवं स्ट्रीट लाइट एवं वायर क्रय 1 लाख रुपये हजार रुपए कुल 7 लाख 37 हजार 6 रुपए अगर तीन वर्षों में कुल 16 लाख 34 हजार 2 सौ 6 रुपए का भुगतान की गई है। इस प्रकार से ग्राम पंचायत की शासन द्वारा निर्माण कार्यो के लिए मिलने वाली राशि को ग्राम पंचायत के सरपंच पति के नाम पर पँचायत राज अधिनियम के विपरीत भुगतान करके कागजों में काम दर्शाकर राशि को हड़पने के आरोप लग रहे हैं। जिले के जिम्मेदार अधिकारी आखिर गहरी नींद में सो रहे है। इसलिए ग्राम पंचायतों द्वारा लगातार किए जा रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई नही की जा रही है।
ऑडिटर की भी संलिप्तता का आरोप
 ग्राम पंचायतों की ऑडिट भी प्रत्येक वर्षों से होती है लेकिन ऑडिटर को 1 प्रतिशत की दर पर अवैध वसूली सरपंच सचिव से करते है इसलिए फर्जीवाड़ा या कुछ भी रहे सभी को पास कर दिया जाता है। जिसके कारण सरपंच सचिव को डर नही रहती है और नियम विपरीत सरपंच पति के नाम पर चेक जारी कर दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत में चल रहा है तथा निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि कागजों में ही खर्च करके बिना जीएसटी फर्जी बिल बाउचर जमा कर दिए जाते है। स्थानीय लोगों ने जिले की कलेक्टर तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत से ग्राम पंचायत के लिए हुए फर्जीवाड़ा की जांच करा कर संबंधितों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराते हुए शासकीय राशि वसूली कराने की मांग की जाएगी।
ग्राम पंचायतों में नियमानुसार राशि खर्च होनी चाहिए यदि सरपंच पति के नाम पर शासकीय राशि का चेक जारी किया गया है तो संबंधित सचिव तथा सरपंच के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
 
      संदीप 
 मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मालखरौंदा,
 
मेरे से पूर्व सचिवो के द्वारा सरपंच पति के नाम पर चेक जारी किया गया है।
कुमार मल्होत्रा
सचिव 
ग्राम पंचायत चरौंदी,

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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