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रेजांगला वीर शहीद माटी कलश यात्रा व मशाल जुलूस 7 को, अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर चल रहा देशव्यापी अभियान, अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा का आयोजन….

रेजांगला वीर शहीद माटी कलश यात्रा व मशाल जुलूस 7 को
अहीर रेजिमेंट की मांग को लेकर चल रहा देशव्यापी अभियान
अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा का आयोजन
जांजगीर-चांपा। थल सेना में अहीर रेजिमेंट की मांग व रेजांगला वॉर में शहीद वीरों को नमन करते हुए मशाल जुलूस,रेजांग ला वीर शहीद माटी कलश यात्रा 7 जून 2023 बुधवार को जांजगीर में शाम 5 बजे से निकाली जाएगी। पीआरजी काम्प्लेक्स नैला से शहीद स्मारक चौक जांजगीर में यह एक सभा मे परिवर्तित होगी। अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा ने इस कार्यक्रम में सभी वर्गों की सहभागिता की अपील की है। बताते चले कि सन 1962 के भारत चाइना वॉर में कुमाऊँ रेजिमेंट के 13 कुमाऊं क दस्ते ( अहीर टुकड़ी) के अंतिम मोर्चे में 1300 चीनी सैनिकों को ने इस टुकड़ी के 123 सैनिकों ने मार गिराया था। 18 नवम्बर 1962 को अंतिम गोली तक वे लड़े। 114 सैनिक शहीद हुए जिसमे 112 अहीर (यादव) थे। 6 से ज्यादा लोगों को चीनी सेना ने बंदी बना लिया था। 18000 फ़ीट ऊंचे इस पोस्ट पर भारतीय सैनिकों ने अपना सर्वोच्च बलिदान देते हुए चीनी सेना को कब्जा करने नहीं दिया था। अदम्य साहस का प्रदर्शन करने के बावजूद यहां के सैनिकों को भगोड़ा मान लिया गया था लड़ाई खत्म होने के तीन माह बाद एक लद्दाखी गड़रिया चुसुल से रेजांगला भटकते हुए पहुंचा तो वहां उन लोगों ने तबाह बंकरों और मृत सैनिकों को देखा तो भारतीय चौकी को इसकी सूचना दी। जब खोज खबर हुई तब पता चला कि यह लोग कायर नहीं हीरो थे। उसी लड़ाई की याद में 18 नवम्बर को रेजांगला दिवस मनाया जाता है। रेजांगला को इस वक्त भारत की ताकत माना जाता है। जो अहीर रेजीमेंट के कारण सुरक्षित है।
अहीर रेजिमेंट की मांग है सात दशक पुरानी
थल सेना में सिक्ख, गोरखा, मराठा, राजपूत रेजिमेंट बनी हुई है। लेकिन अहीर रेजिमेंट को खत्म कर दिया गया है। पूरे देश में इसकी मांग जोरों से उठ रही है। यदि इन वीरो को नमन करना चाहते हैं तो अहीर रेजिमेंट की मांग में साथ देने की अपील की गई है।



