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छपोरा सब स्टेशन में बिजली विभाग की बड़ी अनियमितता उजागर रसूखदार के लिए शिफ्ट की गई 11000 केवी लाइन, विभाग लीपा-पोती में व्यस्त

सक्ति। छपोरा सब स्टेशन में बड़ा भ्रष्टाचार और अनियमितता सामने आया है, जहां अमलीडीह मेन रोड के पास (हाई वोल्टेज) 11000 केवी विद्युत लाइन को बिना किसी अनुमति, तकनीकी मूल्यांकन और विभागीय प्रक्रिया के शिफ्ट कर दिया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने में लगे हुए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार
एक स्थानीय दलाल की मिलीभगत से बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों ने यह शिफ्टिंग कार्य को अंजाम दिया आरोप है कि मोटी रकम देकर एक रसूखदार व्यक्ति ने अपने घर से गुजरे हुए हाई वोल्टेज 11kv कनेक्शन को हटवाकर नई जगह स्थानांतरित करवाया हैं।
यह कार्य बिना किसी परमिशन बिना परमिट, मूल्यांकन या उच्चाधिकारियों की अनुमति के किया गया, जो न केवल विभागीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जन सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकता है।
स्थानीय अखबारों ने इस अनियमितता को प्रमुखता से प्रकाशित किया
जिसके बाद आम जनता और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह मामला सिर्फ भ्रष्टाचार का नहीं बल्कि सत्ता और पैसे के गठजोड़ का एक जीता-जागता उदाहरण है।
इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है
आरोप है कि विभाग की ओर से किसी भी प्रकार की जांच या कार्रवाई नहीं की जा रही है, बल्कि दोषियों को बचाने की कोशिशें जारी हैं। अधिकारियों की चुप्पी ने पूरे तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या कहते हैं जानकार?
बिजली विभाग के पूर्व अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की शिफ्टिंग प्रक्रिया के लिए निर्धारित तकनीकी रिपोर्ट, स्थल निरीक्षण और वरिष्ठ अधिकारियों की लिखित अनुमति जरूरी होती है। बिना इन औपचारिकताओं के किया गया कोई भी कार्य न केवल अवैध है, बल्कि विभागीय दंडात्मक कार्रवाई का आधार बन सकता है।
जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर दोषियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं होती, तो वे जन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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