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पुलिस स्मृति दिवस पर वीर शहीदों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, शहीद परिवारों का शॉल-श्रीफल भेंटकर किया सम्मान
पुलिस लाइन खोखरा-भांठा में आयोजित हुई स्मृति दिवस परेड, एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने 154 शहीद पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों का किया वाचन, जांजगीर-चांपा और सक्ति जिले के शहीद परिवारों से आत्मीय चर्चा कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की ली जानकारी

जांजगीर-चांपा। कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर पुलिस जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और देश के प्रति समर्पण को नमन करने के लिए बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को पुलिस लाइन खोखरा-भांठा, जांजगीर में पुलिस स्मृति दिवस मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित स्मृति दिवस परेड में पुलिस अधिकारियों एवं जवानों ने शहीदों को सलामी देकर श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम के दौरान देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही जांजगीर-चांपा एवं शक्ति जिले के शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों को शॉल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद जवानों के बलिदान को याद करते हुए उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त की। इस दौरान शहीद परिवारों के साथ आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी भी ली गई।
एसपी ने 154 शहीद पुलिसकर्मियों के नामों का किया वाचन
पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) ने देशभर में 1 सितंबर 2025 से 31 अगस्त 2026 के मध्य कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए 154 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नामों का वाचन किया। शहीद जवानों के नामों का वाचन करते समय पूरा वातावरण श्रद्धा और सम्मान की भावना से ओतप्रोत रहा।
नामों के वाचन के पश्चात शहीदों की सूची शहीद स्मारक पर रखी गई। इसके बाद पुलिस जवानों ने शोक शस्त्र की कार्रवाई करते हुए वीर शहीदों को सलामी दी और उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने शहीदों के त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा को स्मरण करते हुए राष्ट्र एवं समाज की सुरक्षा के प्रति अपने दायित्वों के निर्वहन का संकल्प दोहराया।
21 अक्टूबर को क्यों मनाया जाता है पुलिस स्मृति दिवस?
पुलिस स्मृति दिवस का इतिहास देश की सुरक्षा के लिए दिए गए एक ऐतिहासिक बलिदान से जुड़ा है। 21 अक्टूबर 1959 को भारत-चीन सीमा पर लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में मातृभूमि की रक्षा करते हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 10 वीर जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। इन जवानों की शहादत और अदम्य साहस की स्मृति में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है।
यह दिवस उन सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है, जिन्होंने देश की सुरक्षा, शांति व्यवस्था और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। पुलिस स्मृति दिवस पुलिस बल के साहस, समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
जांजगीर-चांपा और शक्ति जिले के शहीद परिवारों का सम्मान
पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों का सम्मान रहा। इस अवसर पर सांसद कमलेश जांगड़े, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, कलेक्टर जन्मेजय महोबे एवं पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने शहीद परिवारों को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया।
जांजगीर-चांपा जिले के शहीद प्रआर. रामशंकर पाण्डेय, आरक्षक रामकुमार कश्यप, उपनिरीक्षक लोकेश टंडन, आरक्षक समय लाल कश्यप एवं उपनिरीक्षक रुद्रप्रताप सिंह के परिवारों को सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में सक्ति जिले के शहीद उपनिरीक्षक दीपक भारद्वाज, आरक्षक मनोहर लाल चंद्रा, आरक्षक मनोज कुमार बरेठ एवं आरक्षक कमलेश कुमार साहू के परिजनों का भी सम्मान किया गया।
अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने शहीद परिवारों से आत्मीय चर्चा कर उनका कुशलक्षेम जाना। साथ ही उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान शहीद परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए यह संदेश दिया गया कि देश और समाज की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले जवानों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा और उनके परिवारों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता हमेशा बनी रहेगी।
शहीदों का बलिदान पुलिस बल के लिए प्रेरणास्रोत
पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीद जवानों को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह उनके अदम्य साहस, कर्तव्यपरायणता और राष्ट्र के प्रति समर्पण से प्रेरणा लेने का दिन भी है। पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए समाज में शांति, सुरक्षा और कानून का शासन बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य करते हैं।
कर्तव्य पालन के दौरान शहीद हुए जवानों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनके साहस और त्याग से पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को जनसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में शहीद परिवारों को सम्मानित कर उनके प्रति संवेदना, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की गई।
पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी रहे उपस्थित
पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में 11वीं बटालियन पुटपुरा, जांजगीर के सेनानी विमल बैस, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सक्ति पंकज पटेल, डीएसपी मुख्यालय जांजगीर विजय कुमार पैकरा, एसडीओपी चांपा लौकेश बंसल, सीएसपी जांजगीर योगिताबाली खापर्डे, जिला सेनानी योगिता साहू, रक्षित निरीक्षक प्रदीप कुमार जोशी, मुख्य लिपिक दिनेश शर्मा, स्थापना प्रभारी कृष्ण साहू, साइबर थाना प्रभारी भास्कर शर्मा तथा कोतवाली जांजगीर थाना प्रभारी जयप्रकाश गुप्ता सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन वीर शहीदों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त करने के साथ हुआ। पुलिस स्मृति दिवस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों की शहादत को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनका त्याग और समर्पण सदैव राष्ट्र की स्मृतियों में अमर रहेगा।



