जिला शिक्षा अधिकारी ने सोनाईडीह स्कूल का किया औचक निरीक्षण
शैक्षणिक व्यवस्था, मध्यान्ह भोजन और उपस्थिति का लिया जायजा, लापरवाही पर दी सख्त हिदायत

जांजगीर-चांपा। जिला शिक्षा अधिकारी एम.पी. सिंह ने बम्हनीडीह विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला सोनाईडीह का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता, विद्यालयीन अभिलेख, परिसर की साफ-सफाई सहित मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के साथ शिक्षकों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने के निर्देश दिए।
जिला शिक्षा अधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बच्चों से पाठ्य-पुस्तक पढ़वाई तथा हिंदी एवं गणित विषय से संबंधित प्रश्न पूछकर उनके शैक्षणिक स्तर का आकलन किया।
विद्यार्थियों से गणित के सवाल हल करवाकर उनकी समझ और विषयगत पकड़ की भी जांच की गई। बच्चों के शैक्षणिक स्तर पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने शिक्षकों की सराहना की और इसी तरह नियमित अभ्यास एवं गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों के स्तर में निरंतर सुधार करने के निर्देश दिए।
पहाड़ा सुनाने वाले बच्चों को किया प्रोत्साहित
निरीक्षण के दौरान प्राथमिक शाला की कक्षा पहली के विद्यार्थियों से पहाड़ा भी सुना गया। बच्चों द्वारा आत्मविश्वास के साथ पहाड़ा सुनाए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उनका उत्साहवर्धन किया और कॉपी प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना जरूरी है। छोटी-छोटी उपलब्धियों पर बच्चों की सराहना उन्हें आगे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करती है।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता परखी
जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के रसोईघर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मध्यान्ह भोजन की स्वच्छता एवं गुणवत्ता की जांच की। बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है या नहीं, इसकी जानकारी ली गई। साथ ही राशन के रख-रखाव, खाद्य सामग्री की स्थिति तथा रसोईघर की साफ-सफाई का भी जायजा लिया गया। उन्होंने स्वयं भोजन को चखकर उसकी गुणवत्ता भी परखी और संबंधितों को भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
उपस्थिति पंजी और अभिलेखों की जांच
निरीक्षण के दौरान शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति पंजी सहित विद्यालयीन अभिलेखों की जांच की गई। जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षकों को समय पर विद्यालय पहुंचने तथा विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रयास करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि नियमित उपस्थिति विद्यार्थियों की पढ़ाई और उनके शैक्षणिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
परिसर, शौचालय और पेयजल व्यवस्था का भी लिया जायजा
विद्यालय परिसर का निरीक्षण करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने साफ-सफाई की स्थिति देखी। उन्होंने शौचालय, पेयजल व्यवस्था और विद्यालय में विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही अन्य मूलभूत सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने तथा विद्यार्थियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पीटीएम बैठक में हुए शामिल
जिला शिक्षा अधिकारी एम.पी. सिंह विद्यालय में आयोजित पीटीएम बैठक में भी शामिल हुए। उन्होंने अभिभावकों और शिक्षकों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए कहा कि बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय एवं अभिभावकों के बीच निरंतर संवाद आवश्यक है। इस अवसर पर विकासखंड परियोजना अधिकारी साक्षर भारत डॉ. उमेश कुमार दुबे भी उपस्थित रहे।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं, तत्काल सुधार के निर्देश
निरीक्षण के अंत में जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय के शिक्षकों के साथ बैठक की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि शिक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के दौरान जिन बिंदुओं पर सुधार की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने शिक्षकों से नियमित रूप से विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करने, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देने तथा विद्यालय में अनुशासन एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने को कहा।
औचक निरीक्षण के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी ने यह संदेश दिया कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर विभाग गंभीर है।



