खो खो में विराज ने किया अपना विराट प्रदर्शन, अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देकर खो खो में प्राप्त किया सिल्वर मेडल…

जांजगीर-चांपा। खेल एक ऐसी विधा का नाम है जिसमें पारंगत होने के लिए शारीरिक शक्ति के साथ-साथ मानसिक शक्ति का समझा बिठा पाना बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। खेल के क्षेत्र में आजकल लोग इतने जागरूक हो गए हैं कि कई प्रकार के प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्राप्त कर वे लगातार सफलता के कदम बढ़ाते हुए जा रहे हैं। परंतु ग्रामीण क्षेत्र की कुछ प्रतिभाएं ऐसी हैं जिनके पास प्रशिक्षण के नाम में कुछ भी नहीं परंतु फिर भी वह हमारे राज्य को गौरवान्वित करते जा रहे हैं। इसी चरण में ग्राम मेहंदा के मालगुजार परिवार बबला गौटिया के सुपुत्र विराज तिवारी ने खो-खो खेल में अपना सर्वोत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल प्राप्त किया। आंध्र प्रदेश में आयोजित इस प्रतियोगिता में देश भर से आए अनेक विद्यालयों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया इसमें से उन विद्यालयों के बच्चों को सफलता हाथ लग पाई जिन्होंने अपनी शारीरिक शक्ति के साथ-साथ मानसिक शक्ति के समन्वय का बेहतरीन प्रदर्शन किया। अपने सुपुत्र विराज की सफलता पर गौरवान्वित होते हुए उनके पिता बबला तिवारी ने कहा कि विराज की सफलता केवल उसकी व्यक्तिगत सफलता ही नहीं यह सफलता उन सभी बच्चों की है जो अथक मेहनत और लगन से आगे बढ़ने के लिए प्रयत्नशील है और इस दिशा में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वृहद तिवारी परिवार के अध्यक्ष एवं सदस्य ने भी विराज की सफलता पर उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। राज्यपाल पुरस्कृत व्याख्याता अनुराग तिवारी ने विराज की सफलता पर उन्हें बधाई देते हुए कहा है कि विराज हम सबके लिए रोल मॉडल हैं ऐसे रोल मॉडल जो बिना किसी प्रशिक्षण के इतने बड़े राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अपनी छाप छोड़ पाने में सफल रहे हैं।



