Union Budget 2026 : भारतीय रेलवे की नई उड़ान: देश में बनेंगे 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, बजट 2026 में बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट भाषण के दौरान इन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी। ये कॉरिडोर न केवल यात्रा के समय को कम करेंगे, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली (Sustainable Transport) को भी बढ़ावा देंगे।
इन 7 रूटों पर बिछेगा हाई-स्पीड ट्रैक: सरकार ने देश के वित्तीय हब, आईटी सेंटर और धार्मिक पर्यटन केंद्रों को ध्यान में रखते हुए निम्नलिखित रूटों का चयन किया है:
1. दिल्ली – वाराणसी (उत्तर प्रदेश और दिल्ली के बीच तेज कनेक्टिविटी)
2. वाराणसी – सिलीगुड़ी (पूर्वोत्तर भारत के द्वार तक हाई-स्पीड पहुँच)
3. मुंबई – पुणे (महाराष्ट्र के दो सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच)
4. पुणे – हैदराबाद (पश्चिम और दक्षिण भारत का जुड़ाव)
हैदराबाद – बेंगलुरु (दो प्रमुख आईटी हब के बीच सुगम यात्रा)
5. हैदराबाद – चेन्नई (तेलंगाना और तमिलनाडु की राजधानियों के बीच)
6. चेन्नई – बेंगलुरु (दक्षिण भारत का महत्वपूर्ण औद्योगिक गलियारा)
आर्थिक विकास को मिलेगी नई गति वित्त मंत्री ने कहा कि ये कॉरिडोर ‘ग्रोथ कनेक्टर’ के रूप में कार्य करेंगे। हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार से रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और पर्यटन क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा। उदाहरण के तौर पर, दिल्ली-वाराणसी कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं बेंगलुरु-हैदराबाद-चेन्नई का ‘दक्षिण क्लस्टर’ तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
स्वदेशी तकनीक और वंदे भारत का आधार रेलवे सूत्रों के अनुसार, इन नए कॉरिडोर में भारत की स्वदेशी तकनीक ‘वंदे भारत’ के उन्नत संस्करणों और मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के अनुभवों का उपयोग किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य रेल यात्रा को हवाई यात्रा का एक बेहतर और किफायती विकल्प बनाना है। बजट में बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित भारी भरकम राशि (12.2 लाख करोड़ रुपये) का एक बड़ा हिस्सा इन परियोजनाओं पर खर्च किए जाने की संभावना है।



