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सरकार के इस एक फैसले से IOC, BPCL और HPCL के शेयर में आएगी बंपर तेजी!

अगर आपने पिछले कुछ समय में गैस सिलेंडर खरीदा है, तो शायद आपने उसकी कीमत को लेकर थोड़ा बहुत गुस्सा जताया हो. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) जैसी सरकारी तेल कंपनियां LPG सिलेंडर को अपनी लागत से भी कम दाम पर बेच रही हैं? इन कंपनियों को इस वजह से हजारों करोड़ का घाटा हो चुका है. लेकिन अब खबर है कि सरकार इन कंपनियों को राहत देने की तैयारी में है. सूत्रों की मानें तो सरकार इन कंपनियों को 30,000 से 35,000 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी दे सकती है. इस खबर के बाद इन कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त उछाल की उम्मीद जताई जा रही है.

तेल कंपनियों को मिलेगी राहत
दरअसल, फरवरी 2025 में आए बजट में ऐसी किसी सब्सिडी का जिक्र नहीं था. लेकिन अप्रैल में सरकार ने चुपके से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा दी. इससे सरकार को करीब 32,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हुई. अब माना जा रहा है कि इसी पैसे का इस्तेमाल तेल कंपनियों को हुए घाटे की भरपाई के लिए किया जाएगा. एक सरकारी अधिकारी ने बताया, “ये तेल कंपनियां सरकार की ही हैं. इनका नुकसान तो सरकार ही पूरा करेगी. हम अभी यह देख रहे हैं कि कुल कितना घाटा हुआ और उसकी भरपाई कैसे होगी.”

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LPG पर 40,500 करोड़ का घाटा
आपको बता दें कि भारत में LPG की कीमतें सरकार तय करती है ताकि आम लोगों को महंगे दामों से राहत मिले. लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में LPG की कीमतें ज्यादा होने की वजह से तेल कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ता है. इसे ‘अंडर-रिकवरी’ कहते हैं. इस वित्त वर्ष (2024-25) में LPG बेचने से इन कंपनियों को करीब 40,500 करोड़ रुपये का घाटा होने का अनुमान है. भारत में LPG की मांग इतनी ज्यादा है कि इसे पूरा करने के लिए बाहर से गैस खरीदनी पड़ती है, जिसके चलते ये नुकसान होता है.

गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी से घाटा कम
सरकार ने अप्रैल में 14.2 किलो वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की थी. इससे गैस की असली लागत और बिक्री की कीमत के बीच का फर्क थोड़ा कम हुआ है. यानी, तेल कंपनियों को पहले के मुकाबले अब थोड़ा कम घाटा हो रहा है. लेकिन फिर भी घाटा इतना बड़ा है कि सरकार को इसकी भरपाई के लिए कदम उठाना पड़ रहा है.

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मुआवजे का पैसा कहां से आएगा?
पहले सरकार दो साल में 35,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने की सोच रही थी. लेकिन अब पेट्रोल-डीजल पर बढ़े टैक्स से जो अतिरिक्त पैसा आया है, उसे तेल कंपनियों को मुआवजे के तौर पर देने की योजना बन रही है. एक अधिकारी ने बताया कि ये पैसा ‘कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया’ से दिया जा सकता है. जैसे ही इस मुआवजे का प्लान फाइनल होगा, इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा.

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पहले भी हुआ था नुकसान का भुगतान
ऐसा पहली बार नहीं है कि सरकार तेल कंपनियों की मदद कर रही है. इससे पहले 2021-22 और 2022-23 में भी सरकार ने IOC, BPCL और HPCL को 22,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी थी, जबकि उनका कुल घाटा 28,249 करोड़ रुपये था. उस वक्त भी इन कंपनियों ने इस पैसे का इस्तेमाल अपने प्रोजेक्ट्स और ऑपरेशन्स को बेहतर करने में किया था.

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निवेशकों की नजर कैबिनेट के फैसले पर
जैसे ही इस सब्सिडी को कैबिनेट से मंजूरी मिलेगी या इसका आधिकारिक ऐलान होगा, IOC, BPCL और HPCL के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है. शेयर बाजार के जानकार इसे एक ‘पॉजिटिव ट्रिगर’ मान रहे हैं. अगर आप इन कंपनियों के शेयरों में निवेश की सोच रहे हैं, तो इस खबर पर नजर रखें.

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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