ग्राम खोखरा की शासकीय भूमि पर अनाधिकृत कब्जा, बेदखली का आदेश पारित, तहसील न्यायालय ने आज अवैध कब्जा हटाने का जारी किया फरमान, नियत तिथि तक अवैध अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासनिक कार्यवाही की दी चेतावनी….

ग्राम खोखरा की शासकीय भूमि पर अनाधिकृत कब्जा, बेदखली का आदेश पारित
तहसील न्यायालय ने आज अवैध कब्जा हटाने का जारी किया फरमान
नियत तिथि तक अवैध अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासनिक कार्यवाही की दी चेतावनी
जांजगीर-चांपा। न्यायालय तहसीलदार जांजगीर ने छत्तीसगढ़ शासन विरूद्ध निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला प्रकरण में पारित आदेश दिनांक पांच जून 2023 के अनुसार ग्राम खोखरा में स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 1954/1, रकबा 11.112 हेक्टेयर में से 30×15 एवं 248×20 फीट पर अनाधिकृत रूप से काबिज भूमि में से बेदखली के साथ ही साथ पांच-चार सौ रूपए अर्थदण्ड की राशि अधिरोपित करने का आदेश पारित किया है। न्यायालय तहसीलदार जांजगीर ने 12 जून 2023 तक अवैध कब्जा हटाने का फरमान जारी किया है।
न्यायालय तहसीलदार जांजगीर से छह जून 2023 को जारी बेदखली आदेश के अनुसार, ग्राम खोखरा निवासी श्रीमती निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला को आदेशित किया गया है कि आपके द्वारा उक्त कृत्य अवैध अतिक्रमण से बेदखली किए जाने की सूचना आपको दी जाती है। आप उक्त खसरा नंबर 1954/1, रकबा 11.112 हेक्टेयर में से 30×15 एवं 248×20 फीट से अवैध अतिक्रमण 12 जून 2023 तक हटा लें तथा 500 रूपए का अर्थदण्ड इस न्यायालय में पेश करें। उक्त अवैध अतिक्रमण नहीं हटाए जाने की स्थिति में प्रशासनिक कार्यवाही द्वारा बेदखली की कार्यवाही की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदार आप स्वतः होंगी। तहसीलदार न्यायालय जांजगीर ने इस आदेश की प्रतिलिपि कोतवाली थाना जांजगीर के प्रभारी सहित पटवारी हल्का नंबर 16 ग्राम खोखरा को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रेषित की है। दरअसल, हल्का पटवारी ग्राम खोखरा द्वारा पेश प्रतिवेदन में ग्राम खोखरा में स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 1954/1, रकबा 11.112 हेक्टेयर के अंश भाग रकबा 30×15 एवं 248×20 फीट पर अनावेदक निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला निवासी बलौदाबाजार द्वारा बेजाकब्जा करने संबंधी प्रतिवेदित किया गया है तथा आवेदक विजय राठौर पिता रामशंकर राठौर निवासी खोखरा ने अपने आवेदन में लेख किया है कि ग्राम खोखरा में आवेदक विजय राठौर को शासन द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मकान निर्माण कर दिया गया था, जिसके सामने ग्राम पंचायत का 12 फीट का रोड है तथा बगल में खाली शासकीय भूमि स्थित है, जिस पर प्रतिभा तिवारी द्वारा अवैध रूप से राखड़ गिराकर अवैध कब्जा करने के संबंध में आवेदन पेश किया गया है। उक्त आवेदन के आधार पर तहसीलदार न्यायालय जांजगीर में प्रकरण दर्ज कर सुनवाई प्रारंभ की गई तथा उक्त शासकीय भूमि पर बेजाकब्जा करने के संबंध में अनावेदक के विरूद्ध स्थगन आदेश जारी किया गया तथा अनावेदक को नोटिस जारी कर न्यायालय आहूत किया गया। अनावेदक निशा शुक्ला पति फनेद्र कुमार शुक्ला निवासी बलौदाबाजार द्वारा अपना जवाब पेश किया गया, जिसमें कहा गया कि ग्राम खोखरा अवस्थित भूमि खसरा नंबर 1954/1 में 0.06 एकड़ पर मकान बनाकर अतिक्रमण करने बाबत नोटिस झूठे तथ्यों के आधार पर जारी की गई है। अनावेदिका का मकान वहां नहीं है। दो कमरा का निर्माण 0.01 डिसमिल पर प्रतिमा द्विवेदी द्वारा किया गया है। यह नोटिस मुझे त्रुटिवश मेरे नाम पर दे दिया गया है। यह नोटिस प्रतिभा द्विवेदी पिता रामखिलावन तिवारी के नाम पर दिया जाना चाहिए। प्रकरण में हल्का पटवारी द्वारा पेश प्रतिवेदन दिनांक 29 नवंबर 2019 तथा आवेदक विजय राठौर पिता रामशंकर द्वारा पेश आवेदन तथा अनावेदक निशा शुक्ला द्वारा पेश जवाब का अवलोकन करने बाद उक्त वाद के निराकरण के लिए नायब तहसीलदार जांजगीर, राजस्व निरीक्षक जांजगीर एवं हल्का पटवारी ग्राम खोखरा की संयुक्त टीन बनाकर कर उक्त शासकीय भूमि की मौका जांच प्रतिवेदन बाबत् ज्ञापन जारी किया गया, जिसके पालनार्थ में संयुक्त टीम द्वारा वादभूमि के संबंध में प्रतिवेदन न्यायालय में पेश किया गया। नायब तहसीलदार जांजगीर, राजस्व निरीक्षक जांजगीर एवं हल्का पटवारी ग्राम खोखरा की संयुक्त टीम द्वारा वाद भूमि के संबंध में स्थल पंचनामा में लेख किया है कि ग्राम खोखरा पटवारी हल्का नंबर 16 (धाराशिव मोड़) मौके पर उपस्थित होकर आसपास के लोगों से पूछताछ की गई। उपस्थित ग्रामवासियों के अनुसार अतिक्रमण करने वाली महिलाओं द्वारा फ्लाईऐश पटवाया गया है। उक्त भूमि का खसरा नंबर 1954/1 घास शासकीय भूमि 11.112 हेक्टेयर में से 30×15 एवं 248×20 फीट है। निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला, प्रतिभा तिवारी पिता रामखिलावन तिवारी एवं 2 अन्य बहनों द्वारा अतिक्रमण एवं राखड़ पाटने की बात ग्राम कोटवार एवं उपस्थित ग्रामवासियों द्वारा कहा जाना प्रतिवेदित किया है। प्रकरण में संलग्न समस्त दस्तावेजों का अवलोकन किया। ग्राम खोखरा में स्थित शासकीय घास भूमि खसरा नंबर 1954/1 रकबा 11.112 हेक्टेयर राजस्व अभिलेख में दर्ज होकर स्थित है। उक्त शासकीय घास भूमि के अंशभाग रकबा में से 30×15 एवं 248×20 फीट पर अनावेदक द्वारा अनाधिकृत रूप से राखड़ डालकर बेजा-कब्जा किया गया है। उक्त संबंध में अनावेदक निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला द्वारा पेश जवाब में उसके द्वारा अतिक्रमण नहीं करना बताकर उक्त अतिक्रमण को अन्य अनावेदक प्रतिभा तिवारी द्वारा अतिक्रमण करना बताया गया। उक्त संबंध में नायब तहसीलदार जांजगीर, राजस्व निरीक्षक जांजगीर एवं हल्का पटवारी ग्राम खोखरा संयुक्त टीम द्वारा पेश स्थल जांच प्रतिवेदन में यह स्पष्ट किया है कि ग्राम खोखरा में स्थित शासकीय भूमि खसरा नंबर 1954/1 रकबा 11.112 हेक्टेयर के अंश भाग रकबा 30×15 एवं 248×20 फीट पर अनावेदक निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला के साथ-साथ प्रतिभा तिवारी पिता रामखिलावन तिवारी एवं उनके अन्य 2 अन्य बहनों द्वारा अनाधिकृत रूप से राखड़ डालकर बेजा-कब्जा किया गया है। उक्त तथ्यों से यह स्पष्ट है कि ग्राम खोखरा में स्थित शासकीय घास भूमि खसरा नंबर 1954/1 रकबा 11.112 हेक्टेयर में से रकबा 30×15 एवं 248×20 फीट पर अनावेदक निशा शुक्ला आ. फनेंद्र शुक्ला के साथ उसकी बहन प्रतिभा द्विवेदी एवं अन्य 2 बहनों द्वारा अनाधिकृत रूप से राखड़ डालकर अतिक्रमण किया गया है। अनावेदक निशा शुक्ला द्वारा पेश जवाब से असहमत होकर संहिता में बने प्रावधानों के तहत् उक्त शासकीय भूमि से अनावेदक निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला एवं प्रतिभा तिवारी पिता रामखिलावन तिवारी द्वारा किए गए अनाधिकृत रूप से राखड़ डालकर कब्जा से बेदखल किया जाना न्यायोचित होगा। न्यायालय तहसीलदार जांजगीर ने अपने आदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 248 में बने प्रावधानों के तहत ग्राम खोखरा में स्थित शासकीय घास भूमि खसरा नंबर 1954/1, रकबा 11.112 हेक्टेयर में से रकबा 30×15 एवं 248×20 फीट पर अनावेदक निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला एवं प्रतिभा द्विवेदी पिता रामखिलावन तिवारी द्वारा किए गए अनाधिकृत रूप से राखड़ डालकर बेजाकब्जा सहित अनावेदक निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला एवं प्रतिभा तिवारी को बेदखल करने का आदेश पारित किया जाता है तथा उक्त शासकीय घासभूमि पर बेजा-कब्जा करने के कारण अनावेदक निशा शुक्ला पति फनेंद्र शुक्ला एवं प्रतिभा तिवारी पिता रामखिलावन तिवारी के ऊपर पृथक-पृथक 500-500 रूपए की अर्थदंड की राशि से अधिरोपित करने का भी आदेश पारित किया जाता है। न्यायालय के आदेश पत्र में स्पष्ट तौर पर उल्लेखित है कि नियत तिथि तक अवैध अतिक्रमण नहीं हटाने पर संबंधित के विरूद्ध प्रशासनिक कार्यवाही की जाएगी।



