राणी सती दादी हॉस्पिटल के संचालक ने अपना धंधा चमकाने कटवा दिए डीएमएफ मद से लगे दर्जनों पेड़, हॉस्पिटल संचालक डॉ. हेमेंद्र जायसवाल की मनमानी से ठूठ में तब्दील हुए सड़क किनारे लगे हरे-भरे पेड़…

जांजगीर-चांपा। पर्यावरण को संतुलित और तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए हरे-भरे पेड़ आवश्यक हैं। हरे-भरे पेड़ न केवल ऑक्सीजन देते हैं बल्कि, इससे लोगों को छाया भी मिलती है मगर, जिला मुख्यालय जांजगीर के विभिन्न स्थानों पर लगे हरे-भरे पेड़ आए दिन बलि चढ़ रहे हैं। ताजा मामला शहर के मुख्य मार्ग पर लगे दर्ज़न भर हरे-भरे पेड़ों की कटाई का है। मुख्य मार्ग पर संचालित राणी सती दादी हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर हेमेंद्र जायसवाल ने अपना धंधा चमकाने के लिए हॉस्पिटल के आसपास डीएमएफ मद से लगे दर्जनों पेड़ अवैध तरीके से कटवा दिए हैं, जिससे हरे भरे पेड़ अब ठूठ में तब्दील हो गए हैं।
दरअसल, जिला मुख्यालय जांजगीर में पर्यावरण को शुद्ध बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन द्वारा कुछ वर्ष पहले जिला खनिज न्यास मद से विभिन्न स्थानों पर सघन पौधरोपण कराया गया था, जिसके तहत नहर पुल से कलेक्टोरेट चौक तक बड़े पैमाने पर हरे-भरे पेड़ लगाए गए थे। उचित देखरेख और संरक्षण से पेड़ धीरे-धीरे वृक्ष के रूप में तब्दील तो हो गए मगर, यह हरियाली अब कुछ लोगों को रास नहीं आ रही है। यही वजह है कि कुल्हाड़ी चलाकर हरे-भरे पेड़ों को ठूठ में तब्दील कर दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जांजगीर के मुख्य मार्ग पर संचालित राणी सती दादी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. हेमेंद्र जायसवाल ने अपने हॉस्पिटल के आसपास सड़क किनारे डीएमएफ मद से लगे दर्जनों हरे-भरे पेड़ों की अवैध तरीके से कटाई करवा दी है क्योंकि, उनके हॉस्पिटल का साइन बोर्ड उन हरे-भरे पेड़ों से दब जा रहा था। वर्तमान में हॉस्पिटल के आसपास सड़क किनारे ठूठ में तब्दील दर्जनों पेड़ इस बात का गवाह है कि उन्हें बड़ी बेरहमी से काटा गया है। इस कार्य को डॉ. जायसवाल ने बड़ी चालाकी से अंजाम दिया है मगर वो अब उससे अनजान बन रहे हैं। बताया जा रहा है कि आसपास के लोगों की शिकायत पर राष्ट्रीय राजमार्ग के एसडीओ ने हॉस्पिटल पहुंचकर डॉ. जायसवाल से इस बाबत जानकारी भी ली है परन्तु, इस मामले में अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इधर, हॉस्पिटल के आसपास निवासरत कुछ लोगों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरे में डॉ. जायसवाल की सारी करतूत कैद हो गई है। इसके बावजूद डॉ. जायसवाल द्वारा शासन-प्रशासन एवं मीडिया को गुमराह किया जा रहा है। मामले में आसपास के लोगों ने जिला प्रशासन से राणी सती दादी हॉस्पिटल के संचालक डॉ. हेमेंद्र जायसवाल के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है।
किसने कटवाए, हमें मालूम नहीं
हॉस्पिटल के आसपास लगे पेड़ों को किसने कटवाए हैं, हमें कुछ भी मालूम नहीं है। हमारे द्वारा किसी भी पेड़ को नहीं कटवाया गया है।
-डॉ. हेमेंद्र जायसवाल, संचालक
राणी सती दादी हॉस्पिटल, जांजगीर



