छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा
टंगिया से वार कर हत्या करने वाले आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा…

टंगिया से वार कर हत्या करने वाले आरोपी को मिली आजीवन कारावास की सजा
जांजगीर-चांपा। टंगिया से वार कर हत्या करने वाले आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा भादवि की धारा 302 के अपराध के लिए आजीवन कारावास एवं 25,000 रूपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है। मामला बलौदा थाना अंतर्गत ग्राम कोरबी का है। राजेश पाण्डेय लोक अभियोजक जांजगीर के बताये अनुसार 30 मई 2021 को प्रार्थी लोकेश कुमार निर्मलकर खाना खाने के बाद रात्रि 9 बजे
आरोपी आत्माराम विश्वकर्मा के घर तरफ घुमने गया था, आरोपी अपने घर के सामने बैठा था। आरोपी आत्माराम, प्रार्थी लोकेश कुमार को देखकर
मेरे घर तरफ घुमने क्यों आया है” बोलने पर प्रार्थी चुपचाप घर वापस चला गया। दूसरे दिन 31 मई 2021 को 8.30 बजे प्रार्थी का पिता मृतक शिवकुमार निर्मलकर अपने घर दुकान के सामने खड़ा था तभी आरोपी आत्माराम विश्वकर्मा हाथ मे
कुल्हाड़ी रखा हुआ आकर मृतक शिवकुमार को बोला कि तुम्हारा लड़का लोकेश कल रात में मेरे घर तरफ क्यो गया था कहते हुए मां बहन की गंदी-गंदी गाली देते हुए जान से मारने की धमकी देकर अपने हाथ में रखे टंगिया से शिवकुमार के सिर पर मार कर गहरा चोट पहुंचाया, जिससे वह जमीन पर गिर गया, सिर से बहुत सारा खून निकल रहा था और जमीन पर लग गया जिससे वह बेहोश हो गया। दुकान अंदर उसकी मां उर्मिलाबाई थी जो उक्त घटना को देखी तथा क्यो मार रहे हो कहते हुए बचाव बचाव चिल्लाते हुए शिवकुमार के सिर को उठाकर सम्हाने लगी और शिवकुमार के सिर से बहते हुए खून को रोकने लगी।
आरोपी आत्माराम विश्वकर्मा उक्त घटना कारित करने के पश्चात वहां से भाग गया। प्राथी की मां उर्मिलाबाई की आवाज सुनकर मौके पर राजेश निर्मलकर,
छबीलाल, रामलाल, मीनाबाई, कन्हैया एवं अन्य लोग पहुंचे थे और उपचार हेतु शिवकुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलौदा लेगर गये थे। जहां डाक्टर द्वारा
गंभीर हालत को देखते हुए रिफर करने पर शिवकुमार को रामकृष्ण अस्पताल बिलासपुर समृद्धि अस्पताल एवं अपोलो अस्पताल लेकर गये। 07 जून 2021
को सिम्स अस्पताल बिलासपुर में ईलाज के दौरान शिवकुमार की मृत्यु हो गयी। उक्त घटना की रिपोर्ट मौके पर उपस्थित प्रार्थी लोकेश कुमार के द्वारा थाना
बलौदा में किये जाने पर थाना बलौदा द्वारा आरोपी आत्माराम विश्वकर्मा के विरूद्ध अपराध कमांक 177/ 2021 अंतर्गत धारा 294,506, 323 किया गया था जिस पर शिवकुमार के मृत्यु उपरांत भा.द.वि. की धारा 302 जोड़ी गई। तत्पश्चात थाना बलौदा द्वारा विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा गया कि अभियोजन साक्षियों की घटना समय पर घटना स्थल पर उपस्थित होना स्वभाविक एवं औचित्यपूर्ण है। साक्षियों की घटना समय पर घटना स्थल पर उपस्थिति की यह स्वाभाविक और औचित्य भी उनके साक्ष्य को विश्वसनीय बनाती है। साक्ष्य में यह बात भी प्रकट हुई कि आरोपी भी मृतक का पड़ोसी ही था अस्तु किसी वाद विवाद या रंजिश के कारण यदि उसके मन में यह विचार आया हो कि वह मृतक के साथ उल्लेखित घटना कारित कर तो घटना समय पर घटना स्थल पर आरोपी की उपस्थिति भी अस्वभाविक नहीं है। जिन तथ्यों को साक्षियों ने देखे, सुने एवं पहचाने जाने का साक्ष्य दिया है उन तथ्यों को देखे, सुने एवं पहचाने जाने का अवसर मौजूद होना भी साक्ष्य की विश्वसनीयता का एक प्रमाण होता है।
उपरोक्त सभी साक्षियों ने अपने उपर उल्लेखित मुख्य परीक्षण में आरोपी को घटना के पूर्व से जानना पहचानना कहा है। मृतक कुछ साक्षियों का निकट का
रिश्तेदार भी है और कुछ साक्षियों का पड़ोसी है अस्तु इन साक्षियों के द्वारा मृतक को जानना पहचानना औचित्यपूर्ण है। अभियोजन साक्षी उर्मिला बाई घटना के समय अपने घर में खाना खा रही थी गाली की आवाज सुनकर वह अपने घर से बाहर निकली और फिर उसने उल्लेखित घटना देखा। इस साक्षी का घटना समय पर अपने घर में होना स्वभाविक है।
इस प्रकार अभियोजन ने अभियुक्त के विरूद्ध प्रकरण को युक्तियुक्त संदेह से परे प्रमाणित कराया है अतः आरोपी आत्माराम विश्वकर्मा पिता स्व.रामसहाय विश्वकर्मा उम्र 62 वर्ष साकिन वार्ड नं.10 कोरबी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा, छ.ग.को भा.द.वि. की धारा 302 के दोषसिद्ध अपराध के लिए
आजीवन कारावास और 25,000 रूपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।
अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर 3 माह के सश्रम कारावास की सजा भुगजाये जाने का आदेश माननीय न्यायालय द्वारा दिया गया है।
उक्त प्रकरण में अभियोजन की ओर से राजेश पाण्डेय लोक अभियोजक जांजगीर ने पैरवी की।



