छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर
चार बच्चों को शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ा गया

जांजगीर-चांपा। पढ़ाई लिखाई छोड़कर गांव में घर घर भीख मांगने वाले चार बच्चों को प्रेरित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा गया। बच्चों को कपड़े एवं ठंड को देखते हुए उन्हें कम्बल दिया गया। वे अब नियमित स्कूल जाने को तैयार हुए है। शा प्रा शा भाठापारा सारागांव में अध्ययरत चार बच्चे जो अपने शिक्षा की मुख्यधारा से भटक कर घर घर भीख मांगने के लिए जाते थे ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर स्कूल जाने प्रेरित किया गया। संकुल समनवयक सुरेश देवांगन को संकुल अंतर्गत विद्यालय मे निरीक्षण के दौरान 4 बच्चे डबरिपारा मे भीख मांगते हुए दिखाई दिए पूछताछ करने पर पता चला की ये सभी बच्चे प्रा शा भाठापारा में अध्ययरत है। शासन की महत्वपूर्ण योजना शिक्षा के अधिकार के तहत विकासखंड शिक्षा अधिकारी रत्ना थवाईट एवं बी आर सी सी हिरेन्द्र बेहार के कुशल मार्गदर्शन में घटना को तत्काल संज्ञान में लेते हुए समनवयक द्वारा प्रा शा भाठापारा मे कार्यरत ऋषि राठौर से संपर्क किया गया जिनसे जानकारी प्रमानित होने पर बच्चों के घर जाने की योजना बनाई गई। घर जाते वक्त तहसील कार्यालय में तहसीलदार के के जायसवाल जी से संपर्क किया गया जिससे वे भी पालको से संपर्क करने पर तैयार हो गए। तीनो के द्वारा घर जाकर उनकी वस्तुस्थिति के बारे मे पता लगाया गया बच्चों के आधार कार्ड नहीं होने की बात सामने आने पर तहसीलदार द्वारा पहले जन्म प्रमाण उसके बाद आधार कार्ड बनाने के लिए पूर्ण सहयोग करने पर आस्वासन दिया गया और बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करने हेतु तहसीलदार जायसवाल द्वारा बच्चों को कपडे और समनवयक सुरेश देवांगन द्वारा ठंडी से बचाव हेतु कम्बल प्रदान किया गया। उक्त कार्य में प्रा शा भाठापारा के प्रभारी प्रधान पाठक ऋषि राठौर एवं क प्रा शा सारागांव के सफाईकर्मी दुर्गेश यादव का विशिष्ट सहयोग रहा।



