Surajpur News : डीएनए पुष्टि के बाद कब्र से निकाला गया शव, ढाई महीने बाद मां ने बेटे किशन देवांगन का अंतिम संस्कार किया

सूरजपुर : सूरजपुर अपने बेटे की शव के लिए ढाई महीने तक इंतजार करती रही मां कभी थाने तो कभी किसी के पास बस उसका एक ही निवेदन रहता था कि मेरे बेटा का शव मुझे दिला दो मैं अपने बेटे का अंतिम संस्कार करना चाहती हूं।
दरअसल पुरा मामला 1 नवंबर का है जब बाई पास कुए में एक शव मिला था जिसके बाद पुलिस शव की पहचान के लिए खोज बीन सुरु कर दिया तभी चंद्रपुर का एक परिवार आता है और उसकी पहचान अपने बेटे पुरुषोत्तम के रूप में करता है जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उसे दफनाया जाता है और उनके घर मे रीती रिवाज से क्रियाक्रम कार्यक्रम सुरु हो जाता क्रियाकर्म के तीसरे दिन जब महेमान आते है पता चलता है जिसका क्रिया कर्म चल रहा है वह तो जिंदा है जब बेटा जिंदा वापस अपने घर आया तो जिसको देख लोग हैरत में पड़ गए.
जिस शव को वह अपने बेटे पुरषोत्तम के रूप किया था वह उपास आ गया जिसके बाद घर वालों की खुशी का ठिकाना नही था यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना गया वही पुलिस के लिए भी चुनौती बन गई थी और पुलिस ने एक बार फिर इस शव की पहचान के लिए खोजबीन जारी की तभी मानपुर के रहने वाले किशन देवांगन के परिवार के लोग थाना पहुंचते हैं और उनकी पहचान अपने बेटे किशन देवांगन के रूप करता है और उनके शव को देने की मांग करता है एसपी ने उनकी मांग पर डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल बाहर भेज दिया।
डीएनए टेस्ट जो आया है उसमें किशन देवांगन की पहचान बताई गई जिस पर आज एसडीएम का निर्देश पर नायब तहसीलदार के मौजूदगी में कब्र खोदकर फिर से शव बाहर निकला कर उसकी मां के सामने फिर से अंतिम संस्कार करते हुए कब्र में दफना दिया गया जहाँ मां ने अपने बेटे की कब्र पर अगरबत्ती जलाया और कहा कि आज से मैं रीति रिवाज के साथ पूरा काम किया करुंगी यहां से जाने के बाद नहाने के लिए तालाब जाऊंगी वही कहा कि कामक्रिया के बाद फिर से पूरे मामले की जांच की मांग करूंगी मेरा बेटा ऐसे नही मरा है गांव में बहुत कुँवा है पर उसकी लाश बहुत दूर कुँवा में मिला है कोई दुश्मन किया है वही आखिरकार ढाई महीने के इंतजार के बाद मां ने अपने बेटे किशन देवांगन का अंतिम संस्कार किया।



