Suicide Case 2026 : फर्जी पुलिस का खौफ जान पर पड़ा भारी, पुलिस ने असली आरोपी को दबोचा

जांजगीर-चांपा। उरगा थाना क्षेत्र में एक युवक द्वारा वीडियो बनाकर आत्महत्या करने के मामले में चौंकाने वाला सच सामने आया है। जांजगीर-चाम्पा पुलिस ने जांच के बाद उस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो फर्जी पुलिसकर्मी बनकर युवक को प्रताड़ित कर रहा था। शुरुआती खबरों में पंतोरा चौकी पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लग रहे थे, लेकिन पुलिस की सघन जांच ने असली गुनहगार को बेनकाब कर दिया है।
वर्दी का डर दिखाकर दी थी चौकी बुलाने की धमकी
घटनाक्रम के अनुसार, आरोपी ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर युवक को कॉल किया था। उसने युवक को किसी मामले में फंसाने और पंतोरा चौकी बुलाने की धमकी दी। पुलिस की वर्दी और कानून के पचड़े से घबराए युवक ने उरगा थाना क्षेत्र में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सुसाइड से पहले युवक ने एक वीडियो बनाया था, जिसमें उसने अपनी मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था।
जांजगीर-चाम्पा पुलिस ने साइबर सेल की मदद से कॉल रिकॉर्ड्स और लोकेशन ट्रैक की। जांच में पता चला कि जिस नंबर से धमकी मिली थी, वह किसी पुलिसकर्मी का नहीं बल्कि एक आम नागरिक का था। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया है। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि उसने महज डराने के लिए पुलिस का नाम इस्तेमाल किया था।
“युवक की मौत के मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही थी, लेकिन तकनीकी जांच में साफ हुआ कि आरोपी फर्जी पुलिसवाला बनकर धमका रहा था। हमने आरोपी को हिरासत में ले लिया है और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।”
— जिला पुलिस अधीक्षक (SP), जांजगीर-चाम्पा
इस घटना ने स्थानीय लोगों को गहरे तनाव में डाल दिया है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों के लिए विशेष सलाह जारी की है ताकि भविष्य में ऐसे फर्जीवाड़े का शिकार होने से बचा जा सके:
- आईडी कार्ड मांगें: यदि कोई खुद को पुलिस बताकर फोन पर धमकाता है, तो तुरंत उसका नाम, पद और बेल्ट नंबर पूछें।
- सीधे थाने पहुंचें: किसी अज्ञात जगह मिलने के बजाय हमेशा नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर ही बात करें।
- डायल 112 का उपयोग: किसी भी संदिग्ध कॉल या धमकी की जानकारी तत्काल ‘डायल 112’ पर दें।
- अफवाहों से बचें: सोशल मीडिया पर बिना जांचे किसी भी पुलिस अधिकारी या चौकी के खिलाफ आरोप न लगाएं।
पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड्स खंगाल रही है कि कहीं उसने पहले भी किसी और को इसी तरह शिकार तो नहीं बनाया। फिलहाल, आरोपी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और फर्जी अधिकारी बनने का मामला दर्ज किया गया है।



