Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पादेश- विदेशराज्य एवं शहररायपुर

चांपा पुलिस की खुली पोल: पत्रकारवार्ता में उजागर हुईं गंभीर खामियां, एएसपी रह गए दंग…

जांजगीर-चांपा। चांपा थाना में आयोजित पत्रकारवार्ता उस वक्त सनसनीखेज बन गई जब अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप की मौजूदगी में पत्रकारों ने चांपा पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। नशीली सिरप और टेबलेट की बड़ी मात्रा में बरामदगी के बाद जहां पुलिस अपनी पीठ थपथपा रही थी, वहीं प्रेसवार्ता के दौरान पत्रकारों ने चौंकाने वाले खुलासे कर दिए।
 
थाने से कुछ कदम की दूरी पर खुलेआम बिक रहा गांजा – पत्रकारों ने बताया कि चांपा थाना से महज 50 मीटर की दूरी पर दिनदहाड़े गांजा बेचा जा रहा है, और पुलिस जानबूझकर आंख मूंदे हुए है। सवाल यह भी उठे कि नशीली दवाओं और गांजे की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की जाती।
पैसे लेकर छोड़ने का आरोप, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र टण्डन पर उठी उंगली – इस कार्रवाई में दो लोगों से पैसे लेकर छोड़ने की बात सामने आने पर माहौल और गर्म हो गया। पत्रकारों ने यह भी सवाल किया कि कार्रवाई की सूचना हमेशा एक ही प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र टण्डन को कैसे मिलती है? क्या यह सिर्फ संयोग है या सोची-समझी साजिश? पत्रकारों का आरोप था कि उक्त प्रधान आरक्षक खुद इन अवैध गतिविधियों में लिप्त है और इसी के इशारे पर सब कुछ होता है।
टीआई का गोलमोल जवाब, एएसपी भी रह गए हैरान – जब एएसपी उमेश कश्यप से यह पूछा गया कि कार्रवाई की ‘टिप’ एक ही प्रधान आरक्षक को क्यों मिलती है, तो वे खुद असहज हो गए और थाना प्रभारी से जवाब मांगा। टीआई का जवाब गोलमोल रहा, जिसने संदेह और गहरा कर दिया।
परिजनों को डराने की कोशिश, मीडिया ने खोली पोल – जब दो लोगों को पैसे लेकर छोड़ने की बात मीडिया तक पहुंची, और उनके परिजनों ने थाने के बाहर बयान देना शुरू किया, तो पुलिस ने उन्हें अंदर बुलाकर डांट-फटकार लगाई। यह पूरी घटना मीडिया के कैमरों में कैद हो गई और थाने के भीतर हलचल मच गई।
नगर में चर्चा गर्म: क्या चांपा में ‘सेटिंग’ से चलता है नशे का कारोबार? – चांपा नगर में चर्चा है कि जो लोग प्रधान आरक्षक से मिलकर चलते हैं, उन्हें खुली छूट मिलती है, जबकि जो विरोध करते हैं उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी जाती है। यह सिलसिला लंबे समय से चल रहा है, और आज की कार्रवाई ने इस बात पर मुहर लगा दी।
 पत्रकारवार्ता ने साफ कर दिया कि चांपा पुलिस की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है। अब देखना यह होगा कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप इन गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करते हैं या यह मामला भी बाकी मामलों की तरह फाइलों में दब जाएगा।

See also  जांजगीर-चांपा जिले में ACB की दो बड़ी कार्रवाई: CSPDCL के 3 अधिकारी 35 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!