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सक्ती में शिक्षकों पर वित्तीय गड़बड़ी और षड्यंत्र के गंभीर आरोप: जिला शिक्षा अधिकारी की चुप्पी पर उठ रहे सवाल, प्राचार्य ने निष्पक्ष जांच की मांग की…

सक्ती। जिले के मालखरौदा विकासखंड अंतर्गत शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय मोहंदी कला में वित्तीय अनियमितताओं, अवैध वसूली, फर्जी अवकाश और प्राचार्य को झूठे प्रकरण में फंसाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में विद्यालय के प्राचार्य ने 01 दिसंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती को विस्तृत लिखित शिकायत सौंपी है।

शिकायत के अनुसार, शिक्षा सत्र 2023-24 के दौरान प्राचार्य के चिकित्सीय अवकाश पर रहने के दौरान विद्यालय का सामान्य प्रभार संभालने वाली वरिष्ठ शिक्षिका शोभा ध्रुवे ने कुछ अन्य शिक्षकों के साथ मिलीभगत कर छात्र-छात्राओं से शाला शुल्क एवं शाला विकास शुल्क के नाम पर लाखों रुपये की अवैध वसूली की। आरोप है कि इस राशि का लेखा-जोखा शाला अभिलेखों में विधिवत दर्ज नहीं किया गया और उसे गबन कर लिया गया।

इसी तरह शिक्षा सत्र 2022-23 में पीएफएमएस (PFMS) से लगभग 88 हजार रुपये की सामग्री खरीदी गई थी, जिसकी भी हेराफेरी किए जाने का आरोप प्राचार्य ने अपनी शिकायत में लगाया है। इस बारे में 03 अक्टूबर 2024 को भी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय को पत्र भेजा गया था, लेकिन तब भी विभाग स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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शिकायत में एक अन्य शिक्षिका डिगन यशवंत मांण्डलेकर के संबंध में कहा गया है कि वे जून 2019 से जून 2021 तक लगभग दो शैक्षणिक सत्रों के दौरान बिना विधिवत अनुमति के विद्यालय से अनुपस्थित रहीं। इसके बावजूद मातृत्व अवकाश और अन्य अवकाशों के नाम पर नियमों के विरुद्ध लाखों रुपये का वेतन लिया गया। प्राचार्य का कहना है कि न तो प्रसूति दिवस का उल्लेख अभिलेखों में है और न ही सक्षम अधिकारी द्वारा अवकाश स्वीकृति के दस्तावेज उपलब्ध हैं। संबंधित प्रकरण माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में विचाराधीन होने के बावजूद, डीडीओ द्वारा वेतन भुगतान किए जाने को उन्होंने गबन की श्रेणी में बताया है।

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प्राचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि माननीय उच्च न्यायालय में लंबित याचिका से जुड़े विषयों को तोड़-मरोड़ कर कुछ शिक्षकों द्वारा पुलिस अधीक्षक, जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी सहित वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायतें भेजी गईं है, ताकि उन्हें (प्राचार्य को) गलत तरीके से दोषी सिद्ध किया जा सके और पूरे प्रकरण को प्रभावित किया जा सके। यह आचरण सिविल सेवा आचरण नियमों के प्रतिकूल बताया गया है।

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प्राचार्य का कहना है कि 2023 और 2024 में की गई शिकायतों के बाद भी जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से किसी प्रकार की प्रशासनिक या अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि जिला शिक्षा अधिकारी भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी शिक्षिका एवं संबंधित अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं और इसके लिए निर्दोष प्राचार्य को ही निशाना बनाया जा रहा है।

शिकायतकर्ता ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच, शाला शुल्क, पीएफएमएस राशि और अवैध वेतन भुगतान से जुड़े सभी बिंदुओं की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक व दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है या फिर मामला फाइलों में दबकर ठंडे बस्ते में चला जाता है।

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इस संबंध मे जिला शिक्षा अधिकारी सक्ती कुमुदनी बाघ द्विवेदी ने कहा कि शाला शुल्क में गबन और PFMS में हेराफेरी की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए जांच टीम गठित किया जाएगा। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाएगी।

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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