सरगुजा एलिफेंट रिजर्व का रेंजर बना ठेकेदार,,रेंज कोई भी हो इन्ही की मशीनरी करती है काम, कोदौरा रेंज में हैं पदस्थ पर एलिफेंट रिजर्व के सभी गेम रेंजों से इनकी मशीनरी के होते हैं करोड़ों के बाउचर चार्ज…

कोरिया। जहां एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार पर लगाम कसने ई कुबेर को लगातार सक्रिय कर वित्तीय लेन देन में पारदर्शिता लाने का प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी ओर सरगुजा एलिफेंट रिजर्व में वन्य प्राणी संसाधन और अन्य तमाम सुविधाओं बावत जारी बड़े बड़े आबंटनों का सीधे बंदरबांट कर लिया जा रहा है। अवगत करा दें की सरगुजा संभाग अंतर्गत एलिफेंट रिजर्व में तमोर,नारायणपुर,पिंगला,बलरामपुर, कोदौरा और खोड़ गेम रेंज हैं जिनमे वन्य प्राणी व हाथियों के रहवास तथा इन अभ्यारण में उपस्थित अन्य वन्य प्राणियों के मूल भूत संसाधनों बावत सालाना करोड़ों का बजट मिलता है। जिन्हे कुछ वर्किंग प्लान अनुसार पूर्व निर्धारित व प्रस्तावित कार्यों में खर्च किया जाता है तो कुछ आवश्यकतानुसार आकस्मिक ब्यय में खर्च किया जाता है।
36 करोड़ 57 लाख फर्जी ठेकेदारी और तीन हाथियों के गुण,कोदो और अन्य खाद्यान्न में खत्म
एलिफेंट रिजर्व सरगुजा के 6 रेंजों को जनवरी 23 से लेकर फरवरी 24 की अवधि में इन्हे शासन से कई किस्तों में राशि 36 करोड़ 57 लाख प्राप्त हुए और जो अब तक खर्च भी कर दिए गए परंतु आप सभी को जानकर आश्चर्य होगा की पिंगला गेम रेंज के तीन हाथियों ने इस अवधि में विभिन्न प्रकार के खाद्यानों को करोड़ों में खा लिया और जिसके बाद इन तीनों हाथियों की सेहत पहले और खराब भी देखी जा रही है । एक और बात इतनी बड़ी राशि के खर्च पर आगे गौर करें तो महज कागजों में निर्माण कार्य और उन पर उपयोग मशीनरी के भारी भरकम राशि को बिल में समायोजित कर राशि का लंबा गोलमाल किया गया । और जिसके पीछे विभाग में चार पांच वर्षों से पदस्थ एक रशुखदार रेंजर हैं । जनाब जब दो स्टार थे तभी से वह जुगाड़ लगाकर पिंगला गेम रेंज के प्रभारी रेंजर बन गए थे और तभी से तीन वर्ष प्रभारी और अब पद्दोनत्ती पश्चात एक वर्ष फुल फ्लैश रेंजर की हैसियत से पूरे एलिफेंट रिजर्व में बराबर दखल बनाए हुए हैं । सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जनाब रेंजर साहब शुरू के एक वर्ष एलिफेंट रिजर्व के गतिविधियों का जायजा लिया और सब कुछ समझने के बाद इन्होंने भारी भरकम राशि को फर्जी तौर पर वहां उपयोग मशीनरी में खर्च किया जाना पाया तो इन्होंने खुद ही खरीद डाली कई जेसीबी पिकअप,ट्रैक्टर और एझाहाक्स मशीन और लगा दिया सरगुजा एलिफेंट के हर गेम रेंजों में और छापने लगे हरियाली । सूत्रों से सुना गया है की जनाब रेंजर साहब बीते तीन वर्षों से अघोषित रूप से एलिफेंट रिजर्व के डीएफओ से कम नहीं हैं । इनकी होशियारी का किसी को पता नही, टेंडर भी इन्ही के लोगों का होता है और इन्ही के इशारों पर एलिफेंट रिजर्व में कार्य होता है । और सभी जगह अन्य ठेकेदारों के नाम मशीनरी के बाउचर बिल चार्ज किए जाते हैं और उसके बाद जनाब रेंजर साहब के सारे सेटिंग कंप्लीट होने के बाद चेक जारी होता है । इस बात का पता हमे तब पता चला जब हाल ही में नारायणपुर गेम रेंज में बड़े पैमाने पर किए गए कार्यों का भुगतान टेंडर वाले ठेकेदार को हो गया परंतु मुख्य ठेकेदार के अधीनस्थ अन्य कई छोटे ठेकेदारों के भुगतान लंबे समय से लंबित रहे जिसकी सूचना सूत्रों से मिली और हंगामे के डर से कोदौरा वाले ठेकेदार रेंजर आनन फानन में नारायणपुर गेम रेंज पहुंचे और फिर मुख्य ठेकेदार से अपना हिसाब किताब करा अन्य ठेकेदारों को भुगतान कराया ।



