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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन की संकल्पना छत्तीसगढ़ में हो रही है साकार: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय…

स्वच्छता को लेकर जनमानस में आई है व्यापक चेतना: मुख्यमंत्री। स्वच्छता अभियान को मिली नई गति: छत्तीसगढ़ ओडीएफ प्लस राज्य बनने की ओर है अग्रसर। मुख्यमंत्री ने 10 डी-स्लज वाहनों को दिखाई हरी झंडी: सरपंच और सचिवों को डी-स्लज वाहनों की सौंपी चाबी।

रायपुर। हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत जिस उद्देश्य के साथ की थी, वह छत्तीसगढ़ में अब साकार हो रहा है। स्वच्छता को लेकर जनमानस में व्यापक चेतना आई है और करोड़ों परिवारों में शौचालयों का निर्माण हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदृष्टि और इच्छा शक्ति से यह संभव हो पाया है।हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के स्वच्छ एवं विकसित राष्ट्र का संकल्प छत्तीसगढ़वासियों के लिए भी एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमारा प्रदेश हर दिन नये पड़ावों को पार करता हुआ छत्तीसगढ़ को ओडीएफ प्लस मॉडल राज्य बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह सिर्फ एक लक्ष्य नहीं है स्वच्छता की जीवन शैली है, जिससे हमारा विकास होगा, देश का विकास होगा। अब तक हमारे प्रदेश के 5 जिले, 58 विकासखंड और 16 हजार से अधिक गांव ओडीएफ प्लस मॉडल हो चुके हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने और स्वच्छता को बढ़ाने के उद्देश्य से आज अपने निवास परिसर से 10 डी-स्लज वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करते समय यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत किए गए पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश के 10 विभिन्न जिलों के ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिवों को डी-स्लज वाहनों की चाबी और दस्तावेज सौंपे। उल्लेखनीय है कि इन वाहनों का उपयोग गांवों में घरों से मल निकालने और उसे सुरक्षित तरीके से निपटाने के लिए किया जाएगा।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह पहल स्वच्छता और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में गंदगी के कारण फैलने वाली बीमारियों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। उन्होंने जनता से भी स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट भी स्थापित किए जा रहे हैं, जो मल-मूत्र प्रबंधन को सुदृढ़ करेंगे और पर्यावरण संरक्षण में भी सहायक होंगे। उन्होंने कहा कि इस नई पहल के तहत राज्य सरकार स्वच्छता अभियानों को और प्रभावी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

गांव के विकास में सरपंच की भूमिका अहम, मुख्यमंत्री ने बताया अपना अनुभव

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि गांव के विकास में सरपंच की भूमिका सबसे अहम है। मैं पहले पंच रहा, फिर अच्छा काम करने की वजह से मुझे निर्विरोध सरपंच भी चुना गया। उन्होंने कहा कि यह बताने की वजह सिर्फ एक ही है कि ग्राम पंचायत विकास की सबसे प्राथमिक कड़ी है और पंच तथा सरपंच यदि अपने अधिकार और जिम्मेदारियों के प्रति सजग होंगे तो गांव की तस्वीर बदलने में समय नहीं लगेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार स्वच्छता को व्यापक रूप से लागू करने के लिए लगातार प्रयासरत है। डी-स्लज वाहनों के मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने डी स्लज वाहनों की आवश्यकता और उपयोगिता पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।
गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) शासन का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और छत्तीसगढ़ स्वच्छता कार्यक्रमों में सदैव अग्रणी रहा हैं। मिशन के फेज 1 में प्रदेश ने 32 लाख से भी अधिक शौचालयों का निर्माण कर राष्ट्रीय लक्ष्य को समय पूर्व प्राप्त कर खुले में शौचमुक्त राज्य होने का कीर्तिमान रचा। मिशन के फेज- 02 में ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल राज्य के तौर पर स्थापित होने के क्रम में प्रदेश के 05 जिले दुर्ग, कबीरधाम, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, जांजगीर-चांपा एवं धमतरी जिले के 57 विकासखंड तथा 16 हजार से अधिक गांव ओ.डी.एफ. प्लस मॉडल हो चुके हैं। इसी कड़ी में शौचालयों से निकलने वाले मल के सही निपटान के उ‌द्देश्य के साथ प्रदेश के सभी जिलों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। इन फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में आसपास के गांवों के सेप्टिक टैंक से निकलने वाले मल को उपचारित किया जाएगा। सेप्टिक टैंक भरने पर संबंधित परिवार या संस्थान इन प्लांट से संपर्क कर टैंक खाली करने के लिए डी-स्लज वाहन बुलवाएंगे, जिसके लिए दूरी के आधार पर उचित उपभोक्ता शुल्क का निर्धारण किया जावेगा। वर्तमान में प्रदेश मे 19 फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण हो चुका है।

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम पंचायत बिरकोनी जिला महासमुन्द, ग्राम पंचायत टेमरी जिला रायपुर, ग्राम पंचायत सारंगपुर कला जिला कबीरधाम, ग्राम पंचायत गम्हरिया जिला जशपुर, ग्राम पंचायत कोतरी जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, ग्राम पंचायत लगरा जिला जांजगीर-चांपा, ग्राम पंचायत परसदा वेद जिला बिलासपुर, ग्राम पंचायत रूदा जिला बालोद, ग्राम पंचायत झझपुरी कला जिला मुंगेली, ग्राम पंचायत पथरिया जिला दुर्ग को डी स्लज वाहन हस्तांतरित किया। इस अवसर पर विधायक गुरु खुशवंत साहेब, प्रमुख सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मिशन संचालक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) जयश्री जैन, आईसीआईसीआई बैंक के स्टेट हेड विवेकानंद दुबे, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

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