Reg No. CG-06-0026209
IMG-20250604-WA0015-1
IMG-20250604-WA0014-1
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-03).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-02).jpg
Mukesh tiwari janjgir-champa (26 January 2026) (Page-01).jpg
छत्तीसगढ़जांजगीर-चाम्पा

छत्तीसगढ़ पुलिस की व्यवस्था पर शोध, पटेल ने हासिल की पीएचडी डिग्री…

जांजगीर-चांपा। पुलिस महकमे में निरीक्षक पद पर पदस्थ नरेश पटेल ने दुर्ग के हेमचंद विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल कर ली है। नरेश पटेल को यह डिग्री छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था के दो दशक दुर्ग जिले के विशेष संदर्भ में किए गए शोध कार्य के लिए दी गई है। उन्हें विश्वविद्यालय की तरफ से 17 मई को यह उपाधि जारी हुई है।

उल्लेखनीय है कि निरीक्षक पटेल विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं दे चुकें है और मौजूदा वक्त में जांजगीर चांपा में पदस्थ है। नरेश बपटेल ने वर्ष 2019 में दुर्ग की हेमचंद यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने की शुरुआत की थी। उन्होंने इतिहास विषय में छत्तीसगढ़ में पुलिस व्यवस्था के दो दशक विशेष संदर्भ दुर्ग जिला में अपना शोध कार्य किया। इतिहास विषय से संबंधित प्रथम पीएचडी वाइवा में शोधार्थी नरेश पटेल ने पावर पॉइंट प्रस्तुतिकरण के माध्यम से अपना शोध कार्य प्रस्तुत किया। नरेश पटेल ने अपना शोध कार्य शोध निर्देशक सेवा निवृत्त प्राध्यापक डॉ किशोर कुमार अग्रवाल एवं सह शोध निर्देशक साइंस कॉलेज दुर्ग के सहायक प्राध्यापक डॉ अनिल कुमार पांडे के मार्गदर्शन में किया। शोधार्थी नरेश पटेल ने अपने वायवा के दौरान पुलिस द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।

See also  स्वर्गीय ध्वजा राम यादव की द्वितीय पुण्यतिथि पर विशाल रक्तदान शिविर और निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण का पामगढ़ में आयोजन...

शोध में पांच अध्याय

मिली जानकारी के अनुसार इस शोध सामग्री को व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करने के लिये समूची रूपरेखा पांच अध्यायों में विभक्त है। इन अध्यायों को अनेक उप-अध्यायों में विभाजित कर शोध को अधिक-से-अधिक सुपाठ्य एवं संगठित करने का प्रयास किया गया है। रूपरेखा में मूलतः पुलिस व्यवस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, छत्तीसगढ़ राज्य में पुलिस की संरचना एवं संगठन, जिला पुलिस व्यवस्था दुर्ग जिले के संदर्भ में, दुर्ग जिला में थाना प्रशासन एवं कार्य प्रणाली, जिला पुलिस के सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे प्रमुख अध्यायों को स्थान दिया गया है।

अन्य शोध संबंधी प्रविधियों को भी स्थान

Advertisment

प्रस्तावना, निष्कर्ष एवं परिशिष्ट को अध्यायों की सूची में सम्मिलित नहीं किया गया है। जबकि आरेख, मानचित्र, तालिका, चित्रावली, संक्षेप सूची, शब्द संकलन, संदर्भ ग्रंथ सूची, प्रश्नावली अनुसूची तथा समाचार पत्र कतरनों को पृथक् स्थान दिया गया है। प्रस्तावना में शोध प्रारूप के अंतर्गत पूर्ववर्ती साहित्य की समीक्षा एवं अन्य शोध संबंधी प्रविधियों को पृथक् से शोध प्रबंध के प्रारंभ में ही स्थान दिया गया है।

See also  CG CRIME : फर्जी CID अधिकारी बनकर हॉस्पिटल संचालक को धमकाया, सात लाख ठगने वाला आरोपित गिरफ्तार…

Mukesh Tiwari

Editor in Chief- Dabang News Today

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!