कम पानी में भी होगी धान की खेती! किसान अपनाएं ये खास तकनीक, फसल रहेगी सुरक्षित

Low Rainfall Paddy Farming: कम बारिश में धान की खेती इस साल कई किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। मौसम विभाग की ओर से सामान्य से कम वर्षा की संभावना जताए जाने के बाद खेती से जुड़े लोग चिंतित नजर आ रहे हैं। ऐसे समय में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं, जिनकी मदद से कम बारिश में धान की खेती को सुरक्षित रखा जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार कम बारिश में धान की खेती के लिए सबसे जरूरी है कि खेत में उपलब्ध पानी को सुरक्षित रखा जाए। किसानों को खेतों के पास मौजूद तालाब, कुएं और अन्य जलस्रोतों की सफाई और संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए। इससे जरूरत पड़ने पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध रहेगा।
मजबूत मेड़ें रोकेंगी पानी का नुकसान
कम बारिश में धान की खेती को सफल बनाने के लिए खेत की मेड़ों को मजबूत और ऊंचा बनाना जरूरी है। इससे बारिश का पानी खेत में लंबे समय तक रुकेगा और मिट्टी में नमी बनी रहेगी। नमी बनी रहने से पौधों की वृद्धि बेहतर होती है और फसल को सूखे का कम असर झेलना पड़ता है।
जमीन के अनुसार चुनें धान की किस्म
विशेषज्ञों का कहना है कि कम बारिश में धान की खेती के दौरान सही किस्म का चयन बहुत महत्वपूर्ण होता है। ऊंची जमीन, मध्यम जमीन और निचली जमीन के लिए अलग-अलग धान की किस्में बेहतर परिणाम देती हैं।ऊंची जमीन वाले किसान कम अवधि में तैयार होने वाली किस्मों का चयन कर सकते हैं। वहीं मध्यम और निचली भूमि वाले किसान अपनी जमीन की स्थिति के अनुसार उपयुक्त किस्मों को चुन सकते हैं।
एक साथ न लगाएं पूरी नर्सरी
कम बारिश में धान की खेती के लिए किसानों को नर्सरी तैयार करने का तरीका भी बदलना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि पूरी नर्सरी एक बार में लगाने के बजाय इसे तीन हिस्सों में तैयार किया जाए।करीब 10-10 दिनों के अंतर पर नर्सरी लगाने से मौसम के अनुसार रोपाई का सही समय चुनना आसान हो जाता है। यदि शुरुआती बारिश कम हो जाए और बाद में अच्छी वर्षा मिले, तो किसानों को नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।
अतिरिक्त बीज रखें सुरक्षित
कम बारिश में धान की खेती के दौरान किसी भी आपात स्थिति से बचने के लिए कुछ बीज सुरक्षित रखना भी जरूरी है। यदि पहली बुवाई प्रभावित हो जाए या बारिश समय पर न मिले, तो किसान दोबारा बुवाई कर सकते हैं। इससे उत्पादन पर बड़ा असर नहीं पड़ेगा।
कम पानी में भी संभव है अच्छी पैदावार
कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक कम बारिश में धान की खेती के लिए एरोबिक राइस तकनीक भी उपयोगी साबित हो सकती है। इस तकनीक में खेत में क्यारियां बनाकर सीधे बीज बोए जाते हैं। इससे पानी की जरूरत कम पड़ती है और फसल की वृद्धि भी अच्छी रहती है।
खरपतवार नियंत्रण पर दें ध्यान
कम बारिश में धान की खेती करते समय खरपतवार नियंत्रण भी जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर खरपतवार हटाने से पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता है और उत्पादन बेहतर होता है। इससे कम पानी की स्थिति में भी फसल मजबूत बनी रहती है।
समय पर तैयारी से घटेगा जोखिम
विशेषज्ञों का मानना है कि कम बारिश में धान की खेती के दौरान सही योजना और समय पर तैयारी किसानों को बड़े नुकसान से बचा सकती है। जल संरक्षण, सही किस्म का चयन और वैज्ञानिक खेती पद्धति अपनाकर किसान कम वर्षा में भी अच्छी पैदावार हासिल कर सकते हैं।



