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चांपा में कांग्रेस का ‘पावर कॉरिडोर’! महंत के साथ जुटे साहू-कश्यप, सियासी हलकों में बढ़ी हलचल, जैजैपुर विधायक के निवास पर कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की मुलाकात ने दिए कई राजनीतिक संकेत

मुकेश कुमार तिवारी@जांजगीर-चांपा। कांग्रेस के भीतर चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच शनिवार को चांपा में एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने जांजगीर-चांपा जिले की सियासत में चर्चाओं को हवा दे दी है। जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू के चांपा स्थित निज निवास पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, जांजगीर विधायक ब्यास कश्यप समेत कांग्रेस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं का जुटना महज औपचारिक मुलाकात थी या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश भी है, इसे लेकर कांग्रेस के भीतर और बाहर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विधायक बालेश्वर साहू ने इस मुलाकात को आत्मीय बताते हुए वरिष्ठ नेताओं एवं कांग्रेसजनों के प्रति आभार जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि उनके निवास पर डॉ. चरणदास महंत, जांजगीर विधायक व्यास कश्यप एवं कांग्रेस परिवार के सम्मानित साथियों का आगमन हुआ। इस दौरान उन्हें सभी का स्नेह, आशीर्वाद और आत्मीयता प्राप्त हुई। हालांकि, विधायक साहू की ओर से मुलाकात को लेकर कोई राजनीतिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन एक ही स्थान पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व और जिले के प्रमुख विधायकों की मौजूदगी ने राजनीतिक संकेतों की चर्चा जरूर शुरू कर दी है।
डॉ. महंत की मौजूदगी ने बढ़ाया सियासी वजन
जिले की राजनीति में डॉ. चरणदास महंत की भूमिका लंबे समय से प्रभावशाली रही है। ऐसे में उनका जैजैपुर विधायक के निजी निवास पर पहुंचना स्थानीय कांग्रेस की राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास बात यह है कि मुलाकात में जांजगीर विधायक ब्यास कश्यप की मौजूदगी भी रही। यानी जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों के कांग्रेस विधायक और प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व में शामिल नेता एक साथ नजर आए। राजनीतिक जानकारों की नजर में ऐसी मुलाकातें केवल सामाजिक शिष्टाचार तक सीमित नहीं रहतीं। कई बार इन्हीं अनौपचारिक बैठकों के जरिए संगठन की स्थिति, क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण और आगामी रणनीति पर विचार-विमर्श का रास्ता तैयार होता है।
जैजैपुर से जांजगीर तक एकजुटता का संदेश
जांजगीर-चांपा जिले की राजनीति में कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की चुनौती हमेशा बनी रहती है। ऐसे में जिले के प्रमुख नेताओं का एक साथ आना पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एकजुटता का संदेश भी माना जा रहा है। विधायक बालेश्वर साहू ने अपने संदेश में जिस तरह “प्रेम, स्नेह एवं आशीर्वाद” के लिए आभार जताया और भविष्य में भी यह विश्वास कायम रहने की बात कही, उसे भी राजनीतिक दृष्टि से देखा जा रहा है। उनका यह संदेश केवल धन्यवाद तक सीमित है या इसके पीछे कांग्रेस संगठन के भीतर मजबूत होते किसी नए समीकरण का संकेत है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट हो सकता है।
स्थानीय राजनीति से आगे बढ़कर प्रदेश की ओर भी नजर
इस मुलाकात की खासियत यह भी रही कि इसमें स्थानीय स्तर के नेताओं के साथ प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेतृत्व का प्रतिनिधित्व करने वाले डॉ. चरणदास महंत भी मौजूद रहे। यही वजह है कि चांपा की यह मुलाकात अब स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम से आगे बढ़कर प्रदेश कांग्रेस की राजनीति से जोड़कर भी देखी जा रही है। फिलहाल, कांग्रेस की ओर से किसी नई राजनीतिक रणनीति, संगठनात्मक बदलाव अथवा आगामी कार्यक्रम को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन राजनीति में कई बार तस्वीरें बयान से ज्यादा बोलती हैं, और चांपा में सामने आई यह तस्वीर भी कांग्रेस के भीतर संभावित राजनीतिक संवाद और समन्वय की ओर इशारा करती नजर आ रही है।
कांग्रेस नेताओं के बीच आखिर क्या पक रही है खिचड़ी?
मुलाकात का वास्तविक एजेंडा क्या था, इस पर कांग्रेस नेताओं की ओर से फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह केवल सौजन्य भेंट थी या आने वाले दिनों की राजनीतिक रणनीति को लेकर भी कोई चर्चा हुई?
जिले की राजनीति पर नजर रखने वालों की निगाह अब कांग्रेस के अगले कदम पर है। यदि आने वाले दिनों में पार्टी स्तर पर कोई महत्वपूर्ण गतिविधि सामने आती है, तो चांपा स्थित यह मुलाकात उसके शुरुआती संकेतों में से एक मानी जा सकती है। फिलहाल, विधायक बालेश्वर साहू ने इसे स्नेह, आशीर्वाद और आत्मीयता का अवसर बताया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात के मायने इससे कहीं ज्यादा तलाशे जा रहे हैं।



